अंबेडकर जयंती पर कांग्रेस नेताओं का संकल्प: संविधान और समानता के मूल्यों की रक्षा के लिए आखिरी सांस तक लड़ाई

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: अंबेडकर जयंती के अवसर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों की रक्षा का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि वे न्याय, समानता और गरिमा पर आधारित भारत के सपने को साकार करने के लिए “अपनी पूरी ताकत से, आखिरी सांस तक लड़ेंगे।”
सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किए गए अपने संदेश में राहुल गांधी ने कहा कि बाबासाहेब ने देश को केवल संविधान ही नहीं दिया, बल्कि एक ऐसे मजबूत और न्यायपूर्ण भारत की नींव रखी, जो समान अधिकारों और गरिमा पर आधारित है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज कुछ शक्तियां सुनियोजित तरीके से संविधान और अंबेडकर की विरासत को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं—लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है और नागरिकों के अधिकारों पर प्रहार हो रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी बाबासाहेब को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें देश की नैतिक और संवैधानिक आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर न केवल संविधान के निर्माता थे, बल्कि स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और न्याय के अडिग समर्थक भी थे। खड़गे ने चेतावनी दी कि आज संविधान “साजिश भरे हमलों” का सामना कर रहा है और ऐसे समय में अंबेडकर की चेतावनियां और विचार पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय हर उस सिद्धांत की रक्षा के लिए साहस और दृढ़ संकल्प की मांग करता है, जिन्हें अंबेडकर ने स्थापित किया था।
वहीं, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अंबेडकर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने संविधान के रूप में हर भारतीय को एक मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान किया, जो स्वतंत्रता, समानता, न्याय और भाईचारे की गारंटी देता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अंबेडकर ने वंचित और कमजोर वर्गों के मुद्दों को न केवल स्वतंत्रता संग्राम के केंद्र में लाया, बल्कि उन्हें संवैधानिक ढांचे में भी प्रमुख स्थान दिलाया।
प्रियंका गांधी ने कहा कि अंबेडकर के विचारों और मूल्यों की रक्षा करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
अंबेडकर जयंती के मौके पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी बाबासाहेब को याद करते हुए उनकी उस अमिट विरासत को रेखांकित किया, जिसमें वे संविधान के निर्माता और सामाजिक न्याय, समान अवसर तथा प्रत्येक नागरिक की गरिमा के आजीवन समर्थक के रूप में जाने जाते हैं।
