केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के घर पर प्रवर्तन निदेशालय का छापा

Enforcement Directorate Raids Former Kerala Chief Minister Pinarayi Vijayan's Residenceचिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्यभर में कई ठिकानों पर छापेमारी की। जांच एजेंसी ने तड़के सुबह करीब 6 बजे तिरुवनंतपुरम स्थित पिनराई विजयन के आवास समेत 12 स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया। कन्नूर में स्थित एक अन्य आवास पर भी जांच की गई, जो पिनराई विजयन से जुड़ा बताया जा रहा है।

ईडी की यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई। जांच अधिकारियों ने डिजिटल उपकरणों, वित्तीय दस्तावेजों और संदिग्ध लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले।

मामला पिनराई विजयन की बेटी टी वीना की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस से जुड़ा है। आरोप है कि कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) नामक निजी कंपनी ने वर्ष 2018 से 2019 के बीच एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को कथित तौर पर 1.72 करोड़ रुपये का अवैध भुगतान किया, जबकि आईटी कंपनी ने कोई सेवा प्रदान नहीं की थी।

बताया जा रहा है कि वर्ष 2019 में आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान करीब 132.82 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं का पता चला था, जिसमें खर्च बढ़ाकर दिखाने के आरोप शामिल थे।

ईडी ने बुधवार को टी वीना से भी पूछताछ की। इसके अलावा उनके पति और बेपोर विधायक पीए मोहम्मद रियास से जुड़े आवास पर भी तलाशी ली गई। वहीं, सीएमआरएल के प्रबंध निदेशक ससिधरन कार्था के बेटे और कंपनी के निदेशक मंडल के सदस्य शरण एस कार्था से भी पूछताछ की जा रही है।

यह कार्रवाई केरल हाईकोर्ट द्वारा सीएमआरएल की उस याचिका को खारिज किए जाने के एक दिन बाद हुई, जिसमें कंपनी ने ईडी की जांच को रद्द करने की मांग की थी। ईडी ने वर्ष 2024 में इस मामले में पीएमएलए के तहत केस दर्ज किया था।

सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस और सीएमआरएल के बीच फंड के स्रोत, कंपनी दस्तावेजों और लेन-देन की कड़ियों की विस्तार से जांच कर रही है। जांचकर्ताओं को संदेह है कि कंपनी के खर्च को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया और संदिग्ध लेन-देन के जरिए धन को राजनीतिक और प्रभावशाली लोगों तक पहुंचाया गया।

इस मामले की जांच केवल ईडी ही नहीं, बल्कि गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) भी कर रहा है। एसएफआईओ ने टी वीना को मामले में आरोपी बनाया है।

इसी बीच, मंगलवार को पिनराई विजयन की सुरक्षा में तैनात पांच पुलिसकर्मियों, जिनमें उनके गनमैन भी शामिल हैं, को निलंबित कर दिया गया। राज्य सरकार वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एमआर अजित कुमार के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई पर विचार कर रही है। उन पर जांच को प्रभावित करने की कोशिश करने के आरोप हैं।

विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट के बाद यह कदम उठाया गया। यह एसआईटी उस समय गठित की गई थी, जब वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री पद संभाला था। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि दिसंबर 2023 में अलप्पुझा में पिनराई विजयन की नव केरल यात्रा के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे यूथ कांग्रेस और केएसयू कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने अवैध बल प्रयोग किया था।

हालिया विधानसभा चुनाव में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की हार के बाद पिनराई विजयन विपक्ष के प्रमुख चेहरे बनकर उभरे हैं। 140 सदस्यीय विधानसभा में एलडीएफ को केवल 35 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने 102 सीटें जीतकर सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया।

मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद वीडी सतीशन ने राज्य में करों और ईंधन की कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। वहीं, पिनराई विजयन ने कहा कि जनता अब यह जानना चाहती है कि नई सरकार अपने वादों को किस तरह पूरा करेगी।

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