कर्नाटक कांग्रेस मे खींचतान जारी, सत्ता संतुलन और संगठनात्मक समीकरणों को लेकर मंथन अंतिम दौर में
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: बेंगलुरु: कर्नाटक कांग्रेस में लंबे समय से चल रही नेतृत्व की खींचतान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस आलाकमान ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की जगह डीके शिवकुमार को राज्य की कमान सौंपने का फैसला लगभग तय कर लिया है। इसके साथ ही अब राज्य में सत्ता संतुलन और संगठनात्मक समीकरणों को लेकर पर्दे के पीछे मंथन तेज हो गया है।
सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया अपने समर्थकों की राजनीतिक पकड़ बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसी रणनीति के तहत उनके करीबी सहयोगी सतीश जारकीहोली को कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जा सकता है। वहीं सिद्धारमैया के बेटे डॉ. यतींद्र को डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाले नए मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है।
कांग्रेस के भीतर इसे संतुलन साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के बावजूद सिद्धारमैया की राजनीतिक अहमियत बनी रहे। सूत्रों का कहना है कि सिद्धारमैया को राज्यसभा भेजे जाने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके अलावा उन्हें 2029 लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली में संगठन से जुड़ी बड़ी जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती है।
सिद्धारमैया को कर्नाटक में कांग्रेस का सबसे बड़ा ओबीसी चेहरा माना जाता है। ऐसे में पार्टी उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका देकर दक्षिण भारत में अपने सामाजिक समीकरण मजबूत रखना चाहती है।
सूत्रों के अनुसार, डीके शिवकुमार कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे सकते हैं। उनके स्थान पर सतीश जारकीहोली का नाम सबसे आगे चल रहा है। जारकीहोली को सिद्धारमैया का बेहद भरोसेमंद नेता माना जाता है और उनकी नियुक्ति से पार्टी में शक्ति संतुलन बनाए रखने की कोशिश की जाएगी।
हालांकि कांग्रेस की ओर से अब तक किसी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राज्य की राजनीति में इन अटकलों ने हलचल तेज कर दी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस आलाकमान कर्नाटक नेतृत्व को लेकर बड़ा फैसला सार्वजनिक कर सकता है।
