तमिलनाडु: अन्नामलाई भाजपा से अलग होने के कगार पर, नया राजनीतिक दल लॉन्च कर सकते हैं

Tamil Nadu: Annamalai on the Verge of Parting Ways with BJP; May Launch a New Political Partyचिरौरी न्यूज

नई दिल्ली/चेन्नई: तमिल नाडु के पूर्व भाजपा राज्य अध्यक्ष K. अन्नामलाई के पार्टी से अलग होने की खबरें मंगलवार को तेज हुईं। सूत्रों के अनुसार अन्नामलाई ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा दिए गए सभी प्रस्ताव ठुकरा दिए हैं और जल्द ही एक नया राजनीतिक संगठन (या गैर‑राजनीतिक आंदोलन) शुरू करने की योजना बना रहे हैं।

सूत्रों ने बताया कि अन्नामलाई ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और संगठन के महासचिव बीएल संतोष से दिल्ली में मुलाकात की और पार्टी से सौहार्दपूर्ण विदाई की गुहार लगाई। कहा जा रहा है कि उनका नया मंच द्रविड़िया राजनीति के प्रतिद्वंद्वी होगा और अधिक राष्ट्रीयतावादी एजेंडा अपनाएगा।

पिछले कुछ वर्षों में अन्नामलाई ने तमिल नाडु में भाजपा की उपस्थिति को मजबूती दी। “कर्नाटक पुलिस के सिंगम” कहे जाने वाले अन्नामलाई ने पार्टी की दृश्यता बढ़ाई और 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का वोट शेयर बढ़ाकर लगभग 11% तक पहुंचाया। लेकिन परिणामस्वरूप किसी सीट में जीत नहीं मिली और 2026 विधानसभा चुनाव में भाजपा‑AIADMK गठबंधन के चलते भाजपा का वोट शेयर फिर घटकर 3% से भी कम रह गया।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अन्नामलाई और केंद्रीय नेतृत्व के रणनीतिक मतभेद, विशेषकर AIADMK के साथ गठबंधन तथा द्रविड़ राजनैतिक परंपरा के प्रति नरमी, उनके अलगाव के प्रमुख कारण रहे। 2025 में उन्हें तमिल नाडु भाजपा अध्यक्ष पद से हटाकर नैनार नागेंद्रन लाया गया — जो AIADMK के साथ तालमेल के संकेत के रूप में माना गया। 2026 के चुनावों में अन्नामलाई को पार्टी टिकट नहीं मिला और उनका संगठनात्मक हिस्सा भी सीमित कर दिया गया।

उनके समर्पित समर्थकों का तर्क है कि AIADMK को अन्नामलाई किसी बाधा के रूप में दिखे और उसकी अगुआई हटाने से गठबंधन आसान हुआ। वहीं भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने अल्पकालिक चुनावी लाभ के लिए रणनीति बदली और राज्य में जल्द प्रभाव दिखाने के लिए AIADMK के साथ मेलजोल को तरजीह दी।

अन्नामलाई की भावी चाल अभी अस्पष्ट है, कुछ सूत्र यह भी कह रहे हैं कि वे पूर्ण रूप से एक गैर‑राजनीतिक जन आंदोलन भी शुरू कर सकते हैं। तमिल नाडु की राजनीति में वे वर्षों से नजर रखने वाले चेहरे रहे हैं और उनके बाहर जाने से राज्य में सियासी संतुलन पर असर पड़ने की संभावना बताई जा रही है।

भाजपा या अन्नामलाई की ओर से आधिकारिक बयान अभी प्राप्त नहीं हुआ है। आगे की जानकारी आने पर अपडेट दिया जाएगा।

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