फ्रेंच ओपन महिला एकल फाइनल: मिर्रा एंड्रीवा और माया ख्वालिंस्का के बीच होगी नई चैंपियन की जंग

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: पेरिस के कोर्ट फिलिप-शात्रिये पर शनिवार, 6 जून को फ्रेंच ओपन 2026 महिला एकल फाइनल में एक नया इतिहास लिखा जाएगा, जब रूस की युवा सनसनी मिर्रा एंड्रीवा और पोलैंड की क्वालीफायर माया ख्वालिंस्का आमने-सामने होंगी। दोनों खिलाड़ी अपने करियर के पहले ग्रैंड स्लैम खिताब से सिर्फ एक जीत दूर हैं।
टूर्नामेंट की शुरुआत में शायद ही किसी ने इस मुकाबले की कल्पना की होगी, लेकिन दो सप्ताह के रोमांचक मुकाबलों के बाद 19 वर्षीय मिर्रा एंड्रीवा और 24 वर्षीय माया ख्वालिंस्का ने फाइनल में जगह बनाकर सबको चौंका दिया है।
एंड्रीवा के लिए बड़ा अवसर
विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर काबिज मिर्रा एंड्रीवा लंबे समय से भविष्य की ग्रैंड स्लैम चैंपियन मानी जाती रही हैं। पिछले वर्ष उन्होंने दुबई और इंडियन वेल्स में डब्ल्यूटीए 1000 खिताब जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था।
रोलां गैरो में एंड्रीवा का प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली रहा है। दूसरे दौर में एक सेट गंवाने के बाद उन्होंने शानदार वापसी की और सेमीफाइनल में मार्ता कोस्त्युक को 6-1, 6-3 से हराकर अपने करियर के पहले ग्रैंड स्लैम फाइनल में प्रवेश किया। इस जीत के साथ उन्होंने कोस्त्युक की इस सीजन की 17 मैचों की क्ले कोर्ट जीत की श्रृंखला भी समाप्त कर दी।
महज 19 साल की उम्र में एंड्रीवा 2022 के बाद सबसे कम उम्र की ग्रैंड स्लैम फाइनलिस्ट बनी हैं। रोलां गैरो में अपने पहले 20 मुख्य ड्रॉ मुकाबलों में उन्होंने 17 जीत दर्ज की हैं। यह उपलब्धि केवल क्रिस एवर्ट, मार्गरेट कोर्ट, मोनिका सेलेस और इगा स्वियातेक जैसी महान खिलाड़ियों से पीछे है।
ख्वालिंस्का की परीकथा जारी
दूसरी ओर, माया ख्वालिंस्का इस टूर्नामेंट की सबसे बड़ी सरप्राइज खिलाड़ी बनकर उभरी हैं। विश्व रैंकिंग में 114वें स्थान पर मौजूद ख्वालिंस्का को मुख्य ड्रॉ में जगह बनाने के लिए तीन क्वालीफाइंग मुकाबले जीतने पड़े थे। अब तक लगातार नौ मैच जीतकर वह ओपन युग में फ्रेंच ओपन महिला फाइनल में पहुंचने वाली पहली क्वालीफायर बन गई हैं। वह 2021 में एमा राडुकानू के बाद किसी भी ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचने वाली दूसरी महिला क्वालीफायर हैं।
ख्वालिंस्का का खेल ताकतवर शॉट्स की बजाय विविधता, सटीक कोणों और शानदार ड्रॉप शॉट्स पर आधारित है। सेमीफाइनल में उन्होंने डायना श्नाइडर को सीधे सेटों में हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया।
टूर्नामेंट से पहले उन्हें आर्थिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा था। होटल खर्चों को लेकर चिंता के बीच पोलैंड की कंपनी ओशी ने उनकी सहायता की और उनके ठहरने का खर्च उठाया।
एंड्रीवा का सफर
- पहला दौर: फियोना फेरो को 6-3, 6-3 से हराया
- दूसरा दौर: मरीना बासोल्स रिबेरा को 3-6, 6-1, 6-1 से हराया
- तीसरा दौर: मेरी बुज़कोवा को 6-4, 6-2 से हराया
- चौथा दौर: जिल टाइखमान को 6-3, 6-2 से हराया
- क्वार्टर फाइनल: सोराना कर्स्तेआ को 6-0, 6-3 से हराया
- सेमीफाइनल: मार्ता कोस्त्युक को 6-1, 6-3 से हराया
ख्वालिंस्का का सफर
- क्वालीफाइंग पहला दौर: अमांदीन रामे को 6-0, 6-3 से हराया
- क्वालीफाइंग दूसरा दौर: कैरोल मोने को 6-0, 6-1 से हराया
- क्वालीफाइंग फाइनल: सुज़ान लामेन्स को 7-6(4), 7-5 से हराया
- पहला दौर: छिनवेन झेंग को 6-4, 6-0 से हराया
- दूसरा दौर: एलिसे मेर्टेन्स को 6-4, 6-0 से हराया
- तीसरा दौर: मारिया सक्कारी को 1-6, 6-3, 6-2 से हराया
- चौथा दौर: डायन पैरी को 6-3, 6-2 से हराया
- क्वार्टर फाइनल: अन्ना कालिंस्काया को 7-6(3), 6-3 से हराया
- सेमीफाइनल: डायना श्नाइडर को 7-6(4), 6-4 से हराया
मिर्रा एंड्रीवा और माया ख्वालिंस्का के बीच यह पहला वरिष्ठ स्तर का मुकाबला होगा। दोनों खिलाड़ी इससे पहले डब्ल्यूटीए टूर पर कभी नहीं भिड़ी हैं।
कब देखें फाइनल?
फ्रेंच ओपन 2026 महिला एकल फाइनल भारतीय समयानुसार शाम 6:30 बजे से पहले शुरू नहीं होगा।
अब देखना दिलचस्प होगा कि युवा स्टार मिर्रा एंड्रीवा अपनी पहली ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी जीतती हैं या फिर माया ख्वालिंस्का अपनी ऐतिहासिक परीकथा को खिताबी जीत के साथ पूरा करती हैं।
