ट्राइबेका फेस्टिवल में बड़ा डेटा लीक; जेनिफर लॉरेंस, एंजेलिना जोली सहित कई हॉलीवुड सितारों की जांकरी उजागर

Major data leak at Tribeca Festival; details of several Hollywood stars, including Jennifer Lawrence and Angelina Jolie, exposed.चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: प्रतिष्ठित ट्राइबेका फेस्टिवल एक बड़े डेटा लीक की घटना को लेकर सुर्खियों में है। मनोरंजन उद्योग की पत्रिका Variety की रिपोर्ट के अनुसार, इस साइबर सुरक्षा चूक में 6.66 लाख से अधिक रिकॉर्ड्स इंटरनेट पर उजागर हो गए। लीक हुए डेटाबेस में कई हॉलीवुड सितारों और फिल्मकारों से जुड़ी संपर्क संबंधी जानकारी भी शामिल होने का दावा किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, लीक हुए डेटा में कथित तौर पर जेनिफर लॉरेंस, एंजेलिना जोली, रॉबर्ट डी नीरो, मॉर्गन फ्रीमैन, तथा फिल्मकार मार्टिन स्कॉर्सेसे और फ्रांसिस फोर्ड कोपोला से संबंधित जानकारी मौजूद थी।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ ने लगाया लीक का पता

इस डेटा लीक का खुलासा साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर जेरेमिया फाउलर ने किया। उन्होंने बताया कि इंटरनेट से जुड़े डिवाइसों की खोज करने वाले एक विशेष सर्च इंजन का उपयोग करते हुए उन्हें यह असुरक्षित डेटाबेस मिला।

Variety से बातचीत में फाउलर ने कहा कि वे पिछले लगभग 15 वर्षों से ऑनलाइन उजागर डेटा की निगरानी कर रहे हैं और नियमित जांच के दौरान उन्हें यह डेटाबेस मिला। फाउलर के अनुसार, उजागर हुए अधिकांश रिकॉर्ड्स में मार्केटिंग सामग्री, प्रेस किट और प्रमोशनल तस्वीरें शामिल थीं। हालांकि, एक बैकअप फाइल में “Contacts” नाम का फोल्डर भी मिला, जिसमें 13,500 से अधिक संपर्क विवरण मौजूद थे।

इन रिकॉर्ड्स में नाम, ईमेल एड्रेस, फोन नंबर और डाक पते जैसी जानकारी शामिल थी। फाउलर का कहना है कि इनमें से कई एंट्रीज़ सीधे सेलिब्रिटीज़ की नहीं, बल्कि उनके मैनेजर, असिस्टेंट, पब्लिसिस्ट या टैलेंट रिप्रेजेंटेटिव्स से संबंधित प्रतीत होती थीं। कुछ रिकॉर्ड्स अधूरे भी थे।

ट्राइबेका फेस्टिवल ने क्या कहा?

ट्राइबेका फेस्टिवल ने रिपोर्ट में किए गए कुछ दावों पर असहमति जताई है। फेस्टिवल के प्रवक्ता ने कहा कि जिन हॉलीवुड सितारों का नाम लिया गया है, उनकी व्यक्तिगत संपर्क जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई।

प्रवक्ता के अनुसार, अधिकांश डेटा में पहले से सार्वजनिक रूप से उपलब्ध बिजनेस कॉन्टैक्ट डिटेल्स, जैसे टैलेंट एजेंसियों, पब्लिसिस्ट्स और फ्रंट-ऑफिस ईमेल एड्रेस शामिल थे। उन्होंने यह भी बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही संबंधित डेटाबेस को तत्काल सुरक्षित कर दिया गया।

मानवीय गलती बनी वजह

फाउलर का मानना है कि यह घटना किसी साइबर हमले की बजाय मानवीय चूक का परिणाम लगती है। उनके मुताबिक, प्रोडक्शन डेटाबेस की एक अन-एन्क्रिप्टेड बैकअप फाइल गलती से सार्वजनिक रूप से एक्सेस के लिए खुली रह गई थी। उन्होंने कहा कि डेटा एन्क्रिप्टेड नहीं होने के कारण इंटरनेट कनेक्शन रखने वाला कोई भी व्यक्ति सामान्य सार्वजनिक सर्च टूल्स के जरिए इसे देख सकता था।

फेस्टिवल की प्रतिक्रिया की सराहना

हालांकि फाउलर ने सुरक्षा में हुई इस गंभीर चूक की आलोचना की, लेकिन उन्होंने ट्राइबेका फेस्टिवल की त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि सूचना मिलने के बाद फेस्टिवल प्रशासन ने “बेहद तेज़ी और पेशेवर तरीके” से समस्या का समाधान किया। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो कि डेटाबेस सुरक्षित किए जाने से पहले किसी साइबर अपराधी ने इसका दुरुपयोग किया हो।

फाउलर ने चेतावनी दी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग के दौर में इस तरह के डेटा लीक पहले से कहीं अधिक खतरनाक हो सकते हैं। उनका कहना है कि AI आधारित टूल्स की मदद से साइबर अपराधी फिशिंग अटैक, पहचान की चोरी (Identity Theft) और अन्य ऑनलाइन धोखाधड़ी को अधिक आसानी से अंजाम दे सकते हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका उद्देश्य किसी संस्था को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करना नहीं, बल्कि संगठनों को उनकी साइबर सुरक्षा कमजोरियों की पहचान कर उन्हें समय रहते दूर करने में मदद करना है।

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