मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाने के पाकिस्तान के फैसले को भारत ने बताया ‘दिखावा’

Jaish-e-Mohammed chief Masood Azhar's elder brother dies under mysterious circumstances in Pakistan.चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: पाकिस्तान की ओर से आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाए जाने के फैसले को भारत सरकार ने महज “दिखावा” करार दिया है। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले देश की ओर से इस तरह की घोषणाएं कोई नई बात नहीं हैं और पाकिस्तान को सिर्फ बयानबाजी के बजाय ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि पाकिस्तान की ऐसी चालें पहले भी सामने आती रही हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले देश की ओर से इस तरह की खोखली घोषणा का कोई खास महत्व नहीं है।

जायसवाल ने कहा, “उन्हें कार्रवाई करनी चाहिए, न कि ऐसी दिखावटी घोषणाएं करनी चाहिए, जिनका कोई परिणाम नहीं निकलता।”

मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये

रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने मसूद अजहर को 2026 की ‘रेड बुक’ में हाई-प्रोफाइल मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की सूची में शामिल किया है। इसके साथ ही उस पर घोषित इनाम में 20 लाख पाकिस्तानी रुपये की बढ़ोतरी कर इसे 70 लाख पाकिस्तानी रुपये कर दिया गया है।

FIA ने पहली बार 2021 में मसूद अजहर पर इनाम घोषित किया था। हालांकि भारत का कहना है कि पाकिस्तान को सिर्फ इनाम घोषित करने के बजाय उसके खिलाफ वास्तविक और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र ने 2019 में घोषित किया था वैश्विक आतंकी

मसूद अजहर को मई 2019 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था। चीन की ओर से वर्षों से लगाए जा रहे तकनीकी अड़ंगे को हटाने के बाद यह फैसला हुआ था। वहीं, अमेरिका ने मसूद अजहर पर 1 करोड़ डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है।

पाकिस्तान का यह कदम ऐसे समय आया है, जब अक्टूबर में वैश्विक संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की पूर्ण बैठक होने वाली है। पाकिस्तान को अक्टूबर 2022 में FATF की ग्रे लिस्ट से बाहर किया गया था। इसके बाद भी उस पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई साबित करने का दबाव बना हुआ है।

आखिर कहां है मसूद अजहर?

मसूद अजहर के ठिकाने को लेकर लंबे समय से विवाद बना हुआ है। पाकिस्तान ने 2021 से दावा किया है कि अजहर उसके देश में नहीं है और वह अफगानिस्तान चला गया है। भारत ने पाकिस्तान के इस दावे को खारिज किया है।

मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। भारतीय सशस्त्र बलों के मुताबिक, इस कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के मरकज सुभानअल्लाह ठिकाने को भी निशाना बनाया गया था। बाद में मसूद अजहर ने दावा किया था कि इस हमले में उसके परिवार के कुछ सदस्य और करीबी सहयोगी मारे गए।

IC-814 अपहरण के बाद भारत की जेल से हुआ था रिहा

मसूद अजहर को 1999 में भारतीय जेल से रिहा किया गया था। यह रिहाई इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 के यात्रियों और चालक दल के बदले हुई थी। काठमांडू से उड़ान भरने वाले विमान का अपहरण कर उसे उस समय तालिबान के नियंत्रण वाले अफगानिस्तान के कंधार ले जाया गया था।

रिहाई के बाद अजहर ने वर्ष 2000 में जैश-ए-मोहम्मद की स्थापना की। इस संगठन पर 2001 के संसद हमले, 2016 के पठानकोट एयरबेस हमले और 2019 के पुलवामा आतंकी हमले में शामिल होने के आरोप हैं। भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ सिर्फ घोषणाएं करने के बजाय जमीन पर प्रभावी कार्रवाई करनी होगी।

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