CJP के जश्न वाले वायरल वीडियो पर बोले सोनम वांगचुक: “जीत के साथ विनम्रता भी ज़रूरी”

Sonam Wangchuk on the viral video of the CJP's celebration: "Humility is essential alongside victory."चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सदस्यों के उस वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जश्न मनाते और नाचते हुए दिखाई दे रहे हैं। वांगचुक ने कहा कि किसी भी आंदोलन की सफलता का जश्न मनाना स्वाभाविक है, लेकिन उसके साथ विनम्रता, गरिमा और ज़िम्मेदारी भी बनी रहनी चाहिए।

59 वर्षीय वांगचुक ने अपने संदेश में कहा, “जीत के साथ विनम्रता भी होनी चाहिए।” उन्होंने CJP समर्थकों से अपील की कि वे अपनी उपलब्धि का उत्सव संयम और सम्मान के साथ मनाएं।

आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहे वांगचुक

NEET पेपर लीक विवाद को लेकर जंतर-मंतर पर हुए CJP के नेतृत्व वाले छात्र आंदोलन में सोनम वांगचुक प्रमुख चेहरा बनकर उभरे थे। उन्होंने छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी और प्रदर्शनकारियों के साथ तब तक डटे रहे, जब तक पुलिस ने उन्हें ज़बरदस्ती सरकारी अस्पताल में भर्ती नहीं कराया।

वांगचुक ने 23 जुलाई को अपना 26 दिनों का उपवास समाप्त किया। इससे पहले केंद्र सरकार ने उन्हें आश्वासन दिया था कि छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी और पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।

वायरल वीडियो पर सोशल मीडिया में बहस

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP नेताओं और समर्थकों के जश्न मनाने के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। उल्लेखनीय है कि CJP की शुरुआत लगभग दो महीने पहले एक व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया पेज के रूप में हुई थी, लेकिन बाद में यह छात्र आंदोलन का प्रमुख चेहरा बन गया।

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई। आंदोलन के समर्थकों और राजनीतिक विरोधियों—दोनों ने जश्न के समय और उसके तरीके पर सवाल उठाए।

कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं का कहना था कि यह उत्सव असंवेदनशील प्रतीत होता है, क्योंकि आंदोलन की पृष्ठभूमि में NEET-UG पेपर लीक से प्रभावित छात्रों की पीड़ा और कथित आत्महत्याएं जुड़ी थीं। वहीं कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि जब कई राज्यों में आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारी अब भी गिरफ्तारियों और कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं, तब नेतृत्व का इस तरह जश्न मनाना उचित नहीं है।

CJP का जवाब: “यही है नई पीढ़ी की अभिव्यक्ति”

आलोचनाओं के बीच CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने वायरल वीडियो का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह वीडियो आज की युवा पीढ़ी की सोच और अभिव्यक्ति का प्रतीक हैं।

सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने लिखा, “हम जितनी देर चाहें सड़क पर बैठ सकते हैं। हम नाचते हुए विरोध कर सकते हैं। हम कोल्ड कॉफी पीते हुए भी संगठन बना सकते हैं। यही हमारी पीढ़ी है—आत्मविश्वास से भरी, रचनात्मक, मजबूत और किसी एक सांचे में नहीं ढलने वाली।”

उन्होंने आगे कहा कि सरकार और कुछ टीवी एंकर “Gen Z और युवा पीढ़ी की भाषा नहीं समझते।” अपने संदेश के अंत में उन्होंने लिखा, “अंकल और आंटी शिकायत करते रह सकते हैं, लेकिन उन्हें हमारे साथ तालमेल बैठाना ही होगा।”

वांगचुक की अपील और CJP की सफाई के बाद यह बहस और तेज हो गई है कि लोकतांत्रिक आंदोलनों में जीत का जश्न किस तरह मनाया जाना चाहिए और सार्वजनिक जीवन में सफलता के साथ संयम व संवेदनशीलता की क्या भूमिका होनी चाहिए।

 

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