29 गेंदों पर 94 रन बनाने के बाद सूर्यवंशी ने दिया चयनकर्ताओं को संदेश, मैच के बाद की बातचीत वायरल

After scoring 94 runs off 29 balls, Suryavanshi sends a message to the selectors; post-match conversation goes viral.
(Screengrab/X Video)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: अधिकांश क्रिकेट प्रशंसकों के लिए 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी टी20 क्रिकेट की नई पीढ़ी का चेहरा हैं। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी से सुर्खियां बटोरने वाले इस युवा बल्लेबाज़ को अक्सर केवल बड़े शॉट्स और तेज़ रन बनाने वाले खिलाड़ी के रूप में देखा जाता है। लेकिन रविवार को श्रीलंका ए के खिलाफ वनडे ट्राई-सीरीज़ के फ़ाइनल में खेली गई उनकी 29 गेंदों पर 94 रनों की तूफानी पारी ने इस धारणा को चुनौती दे दी।

मैच के बाद जब ब्रॉडकास्टर ने उनसे पूछा कि इतने बड़े स्तर पर टी20 क्रिकेट खेलने के बाद वह 50 ओवर के प्रारूप में खुद को कैसे ढाल रहे हैं, तो सूर्यवंशी ने आत्मविश्वास भरे अंदाज़ में जवाब दिया, “मैंने बहुत सारा 50 ओवर का क्रिकेट खेला है। बस लोगों को शायद इसके बारे में पता नहीं है।”

उनका यह जवाब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। हालांकि महज़ 15 वर्ष की उम्र में “बहुत सारा क्रिकेट” सुनने में अतिशयोक्ति लग सकता है, लेकिन आंकड़े उनकी बात का समर्थन करते हैं। IPL में खेले गए 34 टी20 मुकाबलों ने भले ही उन्हें पहचान दिलाई हो, लेकिन उनकी क्रिकेटिंग नींव 50 ओवर के क्रिकेट में ही तैयार हुई है।

सूर्यवंशी अब तक 38 सीनियर और युवा वनडे मुकाबले खेल चुके हैं, जिनमें 25 यूथ वनडे शामिल हैं। इन मैचों में उन्होंने 1,412 रन और चार शतक बनाए हैं। यही नहीं, वह भारतीय अंडर-19 क्रिकेट इतिहास में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ भी हैं।

दांबुला में खेली गई ट्राई-सीरीज़ के दौरान यह अनुभव उनके काफी काम आया। फ़ाइनल से पहले लीग चरण में उनका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा था और धीमी तथा चुनौतीपूर्ण पिचों पर उनकी तकनीक को लेकर सवाल उठने लगे थे। हालांकि निर्णायक मुकाबले में उन्होंने सभी आलोचनाओं का जवाब बल्ले से दिया।

फ़ाइनल के बाद सूर्यवंशी ने कहा, “मैंने कुछ खास नहीं सोचा था। मेरा ध्यान सिर्फ शुरुआती दस ओवरों की योजना को लागू करने पर था। सीरीज़ की शुरुआत में मैं वैसा नहीं कर पा रहा था जैसा चाहता था, लेकिन कोचों से बातचीत के बाद मैंने अपनी गलतियों को सुधारा। अलग-अलग परिस्थितियों में खुद को ढालना चुनौतीपूर्ण था और मुझे यह चुनौती स्वीकार करना अच्छा लगा।”

उन्होंने केवल 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिस्ट-ए क्रिकेट का नया विश्व रिकॉर्ड बना दिया। इसके बाद 324.14 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से बल्लेबाज़ी करते हुए वह शतक से मात्र छह रन दूर रह गए। उनकी यह पारी पिछले वर्ष अंडर-19 विश्व कप फ़ाइनल में खेली गई 175 रनों की ऐतिहासिक पारी की याद दिलाती है और यह साबित करती है कि बड़े मंच पर प्रदर्शन करना उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

भारतीय सीनियर टी20 टीम के दरवाजे पर दस्तक दे रहे सूर्यवंशी ने इस पारी के जरिए एक और महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने यह दिखा दिया कि उनकी प्रतिभा केवल टी20 क्रिकेट तक सीमित नहीं है। वनडे क्रिकेट में उनकी यह ऐतिहासिक पारी न केवल आलोचकों के लिए जवाब है, बल्कि राष्ट्रीय चयनकर्ताओं के लिए भी एक स्पष्ट संकेत है कि यह युवा बल्लेबाज़ अब सीनियर भारतीय वनडे टीम में जगह बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *