वैभव सूर्यवंशी को लेकर टीम इंडिया की खास रणनीति का ईशान किशन ने किया खुलासा

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: ज़िम्बाब्वे के खिलाफ़ दूसरे टी20 मुकाबले में भले ही 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी बड़ी पारी नहीं खेल पाए, लेकिन भारतीय टीम का उन पर भरोसा ज़रा भी कम नहीं हुआ है। मैच के बाद विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ईशान किशन ने खुलासा किया कि टीम मैनेजमेंट और सीनियर खिलाड़ी मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि वैभव का पूरा ध्यान सिर्फ़ क्रिकेट पर रहे, न कि सोशल मीडिया या बाहरी चर्चाओं पर।
पहले टी20 में शानदार अर्धशतक जड़ने वाले वैभव दूसरे मैच में 9 गेंदों पर 20 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद ईशान किशन ने जिम्मेदारी संभालते हुए 44 गेंदों में 81 रनों की विस्फोटक पारी खेली और भारत को जीत दिलाई।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईशान किशन ने कहा कि इतनी कम उम्र में भी वैभव अपनी जिम्मेदारियों को अच्छी तरह समझते हैं।
उन्होंने कहा, “वैभव बहुत समझदार है। उसे पता है कि उसे कैसे बल्लेबाज़ी करनी है, मैदान के अंदर और बाहर कैसा व्यवहार करना है। लेकिन जिस माहौल और बैकग्राउंड से वह आता है, वहां कई ऐसी चीज़ें होती हैं जो किसी भी युवा खिलाड़ी का ध्यान भटका सकती हैं।”
ईशान ने बताया कि भारतीय टीम के सीनियर खिलाड़ी लगातार वैभव से बातचीत करते हैं ताकि वह बाहरी शोर-शराबे से दूर रहकर अपने खेल पर फोकस बनाए रखे।
सोशल मीडिया से दूरी, क्रिकेट पर पूरी नजर
ईशान ने कहा कि टीम के सभी अनुभवी खिलाड़ी वैभव को एक ही सलाह देते हैं— सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं या लोगों की प्रतिक्रियाओं से प्रभावित होने के बजाय सिर्फ़ अपने प्रदर्शन पर ध्यान दो।
उन्होंने कहा, “सिर्फ़ मैं ही नहीं, बल्कि अभिषेक, अक्षर भाई और टीम के कई दूसरे खिलाड़ी भी उससे यही कहते हैं कि सोशल मीडिया पर क्या हो रहा है या बाहर लोग क्या बोल रहे हैं, इसकी चिंता मत करो। अगर किसी मैच में रन नहीं बनें तो भी अपनी बॉडी लैंग्वेज खराब मत होने दो। जितना हो सके, सिर्फ़ क्रिकेट के बारे में सोचो।”
‘उसके जैसा खिलाड़ी पावरप्ले का खेल बदल सकता है’
ईशान किशन का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रतिभाशाली युवा बल्लेबाज़ों में से एक हैं।
उन्होंने कहा, “अगर वैभव जैसा बल्लेबाज़ क्रीज़ पर कुछ समय टिक जाए और पहली ही गेंद से अपने स्वाभाविक अंदाज़ में खेलना शुरू कर दे, तो पावरप्ले के छह ओवरों में टीम 80 से 90 रन तक बना सकती है। उसके अंदर मैच का रुख बदलने की क्षमता है।”
ईशान ने बताया कि टीम के खिलाड़ी वैभव को सिर्फ़ क्रिकेट की तकनीकी बातें ही नहीं सिखा रहे, बल्कि मानसिक मजबूती और फिटनेस पर भी लगातार मार्गदर्शन दे रहे हैं।
उन्होंने कहा, “हम सब उसे छोटे भाई की तरह देखते हैं। वह भी उसी तरह के माहौल से आया है, जहां से मैं आया हूं। इसलिए हमारी कोशिश रहती है कि वह खुश रहे, सही चीज़ों पर ध्यान दे और उन गलतियों को कभी न दोहराए जो हमने अपने करियर की शुरुआत में की थीं। चाहे बात मानसिकता की हो या फिटनेस की, हम चाहते हैं कि वह लगातार सीखता रहे और अपने क्रिकेट का आनंद उठाए।”
टीम इंडिया का भविष्य माने जा रहे हैं वैभव
महज 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी प्रतिभा का परिचय देने वाले वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जा रहा है। टीम मैनेजमेंट भी उनकी प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दे रहा है, ताकि शुरुआती सफलता या आलोचनाओं का असर उनके खेल पर न पड़े।
भारतीय टीम का मानना है कि यदि वैभव इसी तरह अपने खेल पर फोकस बनाए रखते हैं, तो आने वाले वर्षों में वह टीम इंडिया के लिए मैच जिताने वाले बड़े खिलाड़ी साबित हो सकते हैं।
