‘152 पेपर लीक, 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित, लेकिन एक भी माफिया को सजा नहीं’: लोकसभा में प्रियंका गांधी का सरकार पर हमला

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने और पेपर लीक के आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में 152 पेपर लीक की घटनाओं से करीब 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए, लेकिन अब तक एक भी पेपर लीक माफिया को सजा नहीं मिली।
प्रियंका गांधी ने कहा कि देश के छात्र केवल निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली चाहते हैं। उनकी मांग है कि परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएं, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और छात्रों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
‘सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होनी चाहिए’
बहस के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि संविधान और लोकतंत्र सर्वोपरि हैं तथा किसी भी सरकार की जिम्मेदारी जनता के प्रति जवाबदेह होना है। उन्होंने हाल के छात्र आंदोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी पीड़ा और न्याय की मांग को सामने रखा।
उन्होंने कहा कि देशभर के परिवार अपने बच्चों की शिक्षा के लिए वर्षों तक कड़ी मेहनत करते हैं और आर्थिक त्याग करते हैं, लेकिन बार-बार होने वाले पेपर लीक से छात्रों का विश्वास परीक्षा प्रणाली से उठता जा रहा है। उनके अनुसार, अब कई युवाओं को यह महसूस होने लगा है कि देश में मेहनत से ज्यादा बेईमानी को महत्व दिया जा रहा है।
बेरोजगारी और मानसिक तनाव का भी उठाया मुद्दा
प्रियंका गांधी ने कहा कि पेपर लीक केवल परीक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह करोड़ों परिवारों के भविष्य से जुड़ा सवाल है। उन्होंने बढ़ती बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं की अनिश्चितता और छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव का जिक्र करते हुए कहा कि कई युवा अवसाद और आत्महत्या जैसे गंभीर मानसिक संकटों का सामना कर रहे हैं।
कांग्रेस सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाल ही में जारी इंस्टाग्राम वीडियो पर भी टिप्पणी की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “आधी रात को इंस्टाग्राम रील बनाने से कुछ नहीं होगा। कैमरे का एंगल बदलने के बजाय प्रधानमंत्री को अपने दिल का एंगल बदलना चाहिए।”
उनका यह बयान हाल के छात्र आंदोलनों के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए वीडियो को लेकर था, जिसमें उन्होंने पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार की कार्रवाई का जिक्र किया था।
‘छात्रों पर आंसू गैस और लाठीचार्ज क्यों?’
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह चरमरा चुकी है और सरकार समस्या का समाधान करने के बजाय विरोध कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर आंसू गैस, लाठीचार्ज और अन्य कड़ी कार्रवाई की जरूरत क्यों पड़ी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक होने के बावजूद दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे छात्रों का व्यवस्था पर भरोसा लगातार कमजोर हो रहा है।
सदन में हुआ जोरदार हंगामा
प्रियंका गांधी के आरोपों के दौरान लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। उन्होंने तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को दिए गए सम्मान का भी उल्लेख करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उनके आरोपों पर सत्ता पक्ष के सांसदों और मंत्रियों ने कड़ा विरोध जताया तथा उनसे अपने दावों के समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत करने की मांग की।
एंटी-पेपर लीक बिल पर जारी बहस के बीच यह मुद्दा संसद में राजनीतिक टकराव का प्रमुख विषय बना रहा। विपक्ष सरकार पर परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने में विफल रहने का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि नया कानून पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
