लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर हंगामा; अखिलेश यादव बोले, ‘Gen Z के आगे झुकने को मजबूर हुई सरकार’

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: लोकसभा में मंगलवार को एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने सरकार पर युवाओं की आवाज को लंबे समय तक नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। विपक्षी नेताओं का कहना था कि सरकार ने छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों के बढ़ते दबाव के बाद ही इस मुद्दे पर कदम उठाया।
बहस में हिस्सा लेते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बार-बार होने वाले पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य और उम्मीदों को गहरा नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि यह वही राज्य है, जहां से प्रधानमंत्री संसद पहुंचते हैं, इसलिए इस समस्या को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
उन्होंने भाजपा पर चुनावी वादे करने लेकिन उन्हें पूरा न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने युवाओं को केवल “जुमले” दिए हैं। अखिलेश ने दावा किया कि लगातार विरोध-प्रदर्शनों के कारण ही केंद्र सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार “Gen Z की इच्छा के आगे झुकने के लिए मजबूर हुई है।”
‘जनदबाव के आगे सरकार को झुकना ही पड़ता है’
अखिलेश यादव ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ हुए आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि शुरुआत में सरकार ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन जब आंदोलन बड़ा होता गया तो उन्हें प्रदर्शन की अनुमति देनी पड़ी। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब सरकार छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों की सभी जायज मांगों को स्वीकार करेगी।
उन्होंने किसानों के आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले किसानों को भी विरोध प्रदर्शन से रोका गया था, लेकिन बाद में चुनाव से पहले केंद्र सरकार को तीनों कृषि कानून वापस लेने पड़े। उन्होंने कहा, “सरकार को झुकाने वाला कोई होना चाहिए, क्योंकि सरकारें झुकती हैं।”
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों में देशभर में लाखों युवा परीक्षा में पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के खिलाफ सड़कों पर उतरे, लेकिन सरकार ने उनकी चिंताओं का समाधान करने के बजाय प्रदर्शनकारियों के सामने बैरिकेड्स और पुलिस कार्रवाई का रास्ता चुना।
बनर्जी ने कहा कि सरकार युवाओं की समस्याओं को सुनने के बजाय हर विरोध प्रदर्शन को किसी बड़ी साजिश का हिस्सा बताने की कोशिश करती है। उनके मुताबिक, इससे छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों में बढ़ती नाराजगी और निराशा साफ दिखाई देती है।
सदन में कई बार हुआ हंगामा
एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान लोकसभा में कई बार शोर-शराबा और तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने सरकार पर युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया, जबकि सत्ता पक्ष ने बिल को परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम बताया।
फिलहाल, एंटी-पेपर लीक बिल को लेकर संसद के भीतर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। एक ओर सरकार इसे परीक्षा प्रणाली में सुधार का अहम कदम बता रही है, वहीं विपक्ष का कहना है कि यह कदम युवाओं के लंबे संघर्ष और जनदबाव का परिणाम है।
