जस्टिन ग्रीव्स का टेस्ट क्रिकेट में ऐतिहासिक उपलब्धि: पाकिस्तान के खिलाफ लगातार पांच मेडन ओवरों में पांच विकेट लेकर रचा इतिहास
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर जस्टिन ग्रीव्स ने त्रिनिदाद के तारोबा में पाकिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट के तीसरे दिन ऐसा प्रदर्शन किया, जिसे टेस्ट क्रिकेट के इतिहास की सबसे यादगार गेंदबाजी स्पेल्स में लंबे समय तक गिना जाएगा। ग्रीव्स लगातार पांच मेडन ओवरों में एक-एक विकेट लेने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बन गए। उनके इस ऐतिहासिक स्पेल ने न केवल मैच का रुख बदल दिया, बल्कि उन्हें रिकॉर्ड बुक में भी अमर कर दिया।
तीसरे दिन पाकिस्तान मजबूत स्थिति में नजर आ रहा था और बड़ी बढ़त की ओर बढ़ रहा था। लेकिन ग्रीव्स ने अपनी सटीक लाइन-लेंथ, स्विंग और अनुशासित गेंदबाजी से पूरी तस्वीर बदल दी। बिना किसी बदलाव के लंबे स्पेल में गेंदबाजी करते हुए उन्होंने लगातार पांच मेडन ओवर फेंके और हर ओवर में एक-एक बल्लेबाज को पवेलियन भेजा। टेस्ट क्रिकेट के 148 वर्षों के इतिहास में इससे पहले किसी भी गेंदबाज ने ऐसा कारनामा नहीं किया था।
ग्रीव्स ने 11 ओवर में छह मेडन के साथ केवल 27 रन देकर पांच विकेट झटके, जो उनके टेस्ट करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है। उनकी घातक गेंदबाजी के सामने पाकिस्तान की पारी 282 रन पर सिमट गई। एक समय बड़ी बढ़त की ओर बढ़ रही मेहमान टीम अचानक बैकफुट पर आ गई और वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 29 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली।
ग्रीव्स ने इस प्रदर्शन के साथ इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड का एक दशक पुराना रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। ब्रॉड ने 2016 में जोहान्सबर्ग में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लगातार चार मेडन ओवरों में विकेट हासिल किए थे, लेकिन ग्रीव्स ने लगातार पांच मेडन ओवरों में पांच विकेट लेकर नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उनकी घातक गेंदबाजी ने पाकिस्तान के मध्यक्रम और निचले क्रम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
हालांकि ग्रीव्स का यह ऐतिहासिक स्पेल मैच का सबसे बड़ा आकर्षण रहा, लेकिन मुकाबला अब भी रोमांचक मोड़ पर है। वेस्टइंडीज की दूसरी पारी भी लड़खड़ा गई और तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक टीम 126 रन पर सात विकेट गंवा चुकी थी। पहली पारी की बढ़त मिलाकर उसकी कुल बढ़त 155 रन हो गई है।
मेजबान टीम के पास अब केवल तीन विकेट शेष हैं। यदि चौथे दिन सुबह निचले क्रम के बल्लेबाज 20–30 महत्वपूर्ण रन जोड़ने में सफल रहते हैं, तो पाकिस्तान के सामने 170 से 190 रन के बीच का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य होगा। जिस पिच पर तेज गेंदबाजों और स्पिनरों दोनों को लगातार मदद मिल रही है, वहां इतने रन भी मैच जिताने के लिए पर्याप्त साबित हो सकते हैं। दूसरी ओर पाकिस्तान को इस बात का आत्मविश्वास होगा कि उसने दोनों पारियों में वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी को नियंत्रित रखा है और उसकी बल्लेबाजी गहराई लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करने में सक्षम है। यदि ऐसा होता है तो पाकिस्तान दो मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त हासिल कर लेगा।
ग्रीव्स का यह प्रदर्शन उनके लगातार शानदार उभरते करियर की एक और बड़ी उपलब्धि है। बारबाडोस के इस प्रतिभाशाली ऑलराउंडर ने दिसंबर 2025 में क्राइस्टचर्च में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ नाबाद 202 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई थी। 388 गेंदों में खेली गई वह पारी उनका पहला टेस्ट दोहरा शतक था और इसके साथ ही वे टेस्ट इतिहास में चौथी पारी में दोहरा शतक लगाने वाले केवल सातवें बल्लेबाज बने थे।
इसके बाद जुलाई 2026 में श्रीलंका के खिलाफ घरेलू टेस्ट श्रृंखला में उन्होंने 180 रनों की शानदार पारी खेली और कप्तान शाई होप के साथ पांचवें विकेट के लिए 242 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। एक भरोसेमंद मध्यक्रम बल्लेबाज के रूप में अपनी उपयोगिता पहले ही साबित कर चुके ग्रीव्स ने अब गेंद से भी मैच जिताने की क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया है।
पाकिस्तान के खिलाफ उनका यह ऐतिहासिक गेंदबाजी स्पेल न केवल टेस्ट क्रिकेट के सबसे अनोखे रिकॉर्ड्स में शामिल हो गया है, बल्कि इसने यह भी साबित कर दिया है कि जस्टिन ग्रीव्स आधुनिक वेस्टइंडीज क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली और भरोसेमंद ऑलराउंडरों में तेजी से अपनी जगह बना रहे हैं। यदि उनका यही प्रदर्शन जारी रहता है, तो आने वाले वर्षों में वे विश्व क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों की सूची में स्थायी स्थान बना सकते हैं।
