2027 वनडे वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया में बड़े बदलाव की तैयारी, तिलक वर्मा पर नजर; हार्दिक-नितीश की चोट ने बढ़ाई चिंता
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर टीम इंडिया ने अपनी तैयारियों को तेज करना शुरू कर दिया है। 2023 वनडे वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के बावजूद फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों मिली हार का दर्द भारतीय टीम के लिए अब भी ताजा है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट की नजर अगले विश्व कप के लिए एक मजबूत और संतुलित टीम तैयार करने पर है।
इस बीच टीम इंडिया के वनडे सेटअप को लेकर एक अहम रिपोर्ट सामने आई है। टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल 2027 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए टीम के मिडिल ऑर्डर में विकल्प मजबूत करना चाहते हैं। खास तौर पर हार्दिक पांड्या और नितीश कुमार रेड्डी की फिटनेस को लेकर बनी अनिश्चितता ने चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ा दी है।
तिलक वर्मा बन सकते हैं अहम विकल्प
रिपोर्ट के अनुसार, युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा मिडिल ऑर्डर में अपनी जगह बनाने के प्रमुख दावेदारों में शामिल हो गए हैं। उन्हें श्रेयस अय्यर के बैकअप विकल्प के तौर पर भी देखा जा रहा है।
तिलक ने दबाव की परिस्थितियों में बल्लेबाजी करने के साथ-साथ गेंदबाजी में योगदान देने की अपनी क्षमता से टीम मैनेजमेंट को प्रभावित किया है। उनकी गेंदबाजी टीम को एक अतिरिक्त विकल्प देती है, जिससे मुख्य गेंदबाजों पर काम का बोझ कम किया जा सकता है। इससे टीम के प्लेइंग इलेवन में बेहतर संतुलन बनाने में मदद मिल सकती है।
TOI ने एक सूत्र के हवाले से बताया, “हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल को लगता है कि मिडिल ऑर्डर के लिए अभी पर्याप्त बैकअप तैयार नहीं है। हार्दिक पांड्या और नितीश कुमार रेड्डी की चोटों को देखते हुए वे टॉप ऑर्डर में ऐसे खिलाड़ी की तलाश कर रहे हैं, जो वनडे में कम से कम चार ओवर गेंदबाजी कर सके।”
दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयारी
2027 का वनडे वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में आयोजित होना है। ऐसे में भारतीय टीम मैनेजमेंट अभी से तेज गेंदबाजी और उछाल वाली पिचों के लिए खिलाड़ियों को तैयार करने पर जोर दे रहा है।
रिपोर्ट में सूत्र के हवाले से कहा गया है कि श्रेयस अय्यर ऑस्ट्रेलिया में चोटिल हुए थे और हाल के समय में तेज तथा उछाल वाली गेंदों के खिलाफ उनकी बल्लेबाजी की पर्याप्त परीक्षा नहीं हुई है। वहीं, टीम में रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी हैं, जिनकी उम्र व फिटनेस को देखते हुए बैकअप तैयार रखना जरूरी माना जा रहा है।
केएल राहुल भी 2027 वर्ल्ड कप तक 35 वर्ष से अधिक उम्र के हो जाएंगे, जबकि रवींद्र जडेजा के अगले विश्व कप में खेलने को लेकर भी अभी निश्चितता नहीं है। फिटनेस से जुड़ी परेशानियों का असर टीम की फील्डिंग पर भी पड़ा है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट युवा खिलाड़ियों को तैयार रखने की रणनीति पर काम कर रहा है।
न्यूजीलैंड दौरा होगा अहम
भारत की 2027 वर्ल्ड कप तैयारियों में न्यूजीलैंड का आगामी दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अक्टूबर में भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज खेलेगी। माना जा रहा है कि इस सीरीज के दौरान टीम मैनेजमेंट अलग-अलग संयोजनों को आजमाकर विश्व कप के लिए अपनी प्राथमिक टीम और बैकअप विकल्पों को लेकर तस्वीर साफ करने की कोशिश करेगा।
इससे पहले भारत को 27 सितंबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक इस सीरीज में कुछ सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिया जा सकता है। इसकी वजह एशियाई खेलों के लिए तैयार की जा रही अलग और मजबूत टी20 टीम भी हो सकती है।
कुल मिलाकर, 2027 वर्ल्ड कप में अभी समय है, लेकिन टीम इंडिया ने अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। हार्दिक पांड्या और नितीश कुमार रेड्डी की फिटनेस, सीनियर खिलाड़ियों की उम्र और दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों को देखते हुए तिलक वर्मा जैसे युवा ऑलराउंड विकल्प टीम के लिए आने वाले समय में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
