वैभव सूर्यवंशी को लेकर बीसीसीआई बेहद गंभीर, सचिन तेंदुलकर जैसा लंबा करियर बनाने की उम्मीद

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने गुरुवार को कहा कि बोर्ड की इच्छा है कि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और अन्य उभरती प्रतिभाएं महान भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की तरह लंबा और सफल करियर बनाएं। महज १५ साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुके वैभव को सही मार्गदर्शन और समर्थन देने पर बीसीसीआई विशेष ध्यान दे रहा है, ताकि वह केवल ‘एक सीरीज या एक साल का चमत्कार’ बनकर न रह जाएं।
गुरुवार को मुंबई स्थित बीसीसीआई मुख्यालय में बोर्ड की समीक्षा बैठक हुई। इसमें सचिव देवजीत सैकिया, भारतीय टेस्ट और एकदिवसीय कप्तान शुभमन गिल, T20 कप्तान श्रेयस अय्यर, मुख्य प्रशिक्षक गौतम गंभीर, उत्कृष्टता केंद्र के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण और बीसीसीआई के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में भारतीय क्रिकेट से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इसी दौरान देवजीत सैकिया ने बताया कि बीसीसीआई वैभव सूर्यवंशी सहित देश के अन्य युवा खिलाड़ियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य इन खिलाड़ियों को उचित मार्गदर्शन और सहयोग देना है, ताकि वे लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफल रह सकें।
सैकिया ने कहा कि बीसीसीआई के लिए यह गर्व की बात है कि १५ साल की उम्र का खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। हालांकि, बोर्ड यह सुनिश्चित करना चाहता है कि वैभव को करियर के हर चरण में सही दिशा मिले और उनका प्रदर्शन केवल कुछ मैचों या एक वर्ष तक सीमित न रहे।
उन्होंने कहा कि बीसीसीआई चाहता है कि वैभव सूर्यवंशी देश के लिए सचिन तेंदुलकर की तरह लंबे समय तक खेलें और आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बनें। बोर्ड वैभव के प्रदर्शन के साथ-साथ उनके करियर में उठाए जा रहे हर कदम पर बारीकी से नजर रख रहा है।
15 साल की उम्र में रिकॉर्ड की झड़ी
वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में क्रिकेट की दुनिया में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। हाल ही में उन्होंने केवल १५ साल और १५७ दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी के इतिहास में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने ५७ साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की। जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की श्रृंखला में भी वैभव का बल्ला जमकर चला। उन्होंने तीन मैचों में १५१ रन बनाए और पहली बार श्रृंखला के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार हासिल किया। भारत ने इस श्रृंखला में जिम्बाब्वे का ३-० से सफाया किया।
इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ ट्वेंटी-२० श्रृंखला में वैभव ने भारत की ओर से अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया था। उनका अंतरराष्ट्रीय पदार्पण वर्ष २०२६ के आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए किए गए शानदार प्रदर्शन के बाद हुआ था। आईपीएल २०२६ में वैभव ने ७७६ रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट २३७.३० रहा। उन्होंने प्रतियोगिता में एक शतक और पांच अर्धशतक लगाए।
उनके विस्फोटक प्रदर्शन के कारण वह प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। साथ ही उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में रिकॉर्ड ७२ छक्के लगाए।
एक ही सीजन में कई बड़े पुरस्कार
वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल के बाद कई प्रतिष्ठित पुरस्कार भी अपने नाम किए। उन्हें प्रतियोगिता की ऑरेंज कैप के साथ-साथ सर्वाधिक मूल्यवान खिलाड़ी, उभरते खिलाड़ी, सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइक रेट और सर्वाधिक छक्कों से जुड़े पुरस्कार भी मिले।
इससे पहले वर्ष की शुरुआत में खेले गए पुरुष अंडर-१९ विश्व कप में भी वैभव ने शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने प्रतियोगिता में ४३९ रन बनाए और सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार हासिल किया।
बीसीसीआई की नजर वैभव के भविष्य पर
कम उम्र में लगातार बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के बाद वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट का सबसे चर्चित युवा सितारा माना जा रहा है। हालांकि, बीसीसीआई अब उनके प्रदर्शन से ज्यादा उनके दीर्घकालीन विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहता है।
बोर्ड का प्रयास है कि वैभव को क्रिकेट के साथ-साथ मानसिक और पेशेवर स्तर पर भी सही समर्थन मिले, ताकि शुरुआती सफलता का दबाव उनके करियर पर न पड़े।
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के बयान से साफ है कि बोर्ड वैभव को केवल एक प्रतिभाशाली युवा बल्लेबाज के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य के बड़े सितारे के रूप में देख रहा है।
अब देखना यह होगा कि 15 साल की उम्र में रिकॉर्ड बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी आने वाले वर्षों में सचिन तेंदुलकर जैसी निरंतरता कायम करते हुए भारतीय क्रिकेट में कितनी लंबी और यादगार पारी खेलते हैं।
