वंदे मातरम् पर कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस आमने-सामने, BJP ने साधा निशाना
चिरौरी न्यूज
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में एक कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम् के पूर्ण संस्करण के गायन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बड़े राजनीतिक टकराव में बदल गया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की मौजूदगी में हुए कार्यक्रम के बाद कांग्रेस ने पूरे गीत के गायन पर आपत्ति जताई। इसके बाद कांग्रेस की सहयोगी नेशनल कॉन्फ्रेंस ने साफ कहा कि गठबंधन सहयोगी होने के नाते कांग्रेस उस पर अपनी शर्तें नहीं थोप सकती।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए उसे “21वीं सदी की नई मुस्लिम लीग” तक बता दिया।
पूर्ण वंदे मातरम् पर कांग्रेस की आपत्ति
विवाद सोमवार को जम्मू-कश्मीर के अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के दौरान शुरू हुआ, जहां वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाया गया। कांग्रेस महासचिव और संगठन प्रभारी केसी वेणुगोपाल ने कार्यक्रम का वीडियो साझा करते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस से कांग्रेस के रुख के साथ खड़े होने की अपील की। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् का पूर्ण संस्करण उस समन्वयवादी और बहुलतावादी भावना के अनुरूप नहीं है, जिसकी कल्पना और पोषण भारत के स्वतंत्रता सेनानियों ने किया था।
वेणुगोपाल ने महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस, राजेंद्र प्रसाद, आचार्य नरेंद्र देव, मौलाना आजाद, सरोजिनी नायडू और जेबी कृपलानी सहित स्वतंत्रता आंदोलन के नेताओं के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस के लिए उनका निर्णय सर्वोपरि है। उन्होंने सहयोगी दलों से अपील की कि वे स्वतंत्रता सेनानियों के विचारों का सम्मान करें और कांग्रेस द्वारा अपनाए गए वंदे मातरम् के सीमित संस्करण को ही गाएं।
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कांग्रेस को दिया जवाब
कांग्रेस की अपील पर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी नेता बशीर अहमद ने कहा कि गठबंधन सहयोगी होने के बावजूद कांग्रेस यह तय नहीं कर सकती कि कोई दल वंदे मातरम् का कितना हिस्सा गाए। उन्होंने कहा कि वेणुगोपाल को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन वह अपना फैसला दूसरे सहयोगी दल पर लागू नहीं कर सकते। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कहा कि वह लोगों पर किसी चीज को थोपने के पक्ष में नहीं है।
इससे INDIA गठबंधन के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के जवाब के बाद कांग्रेस ने भी अपना रुख और कड़ा कर लिया। कांग्रेस नेता कपिल सिंह ने उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला का जिक्र करते हुए कहा कि वे INDIA गठबंधन का हिस्सा हैं और उन्हें कांग्रेस के फैसले का सम्मान करना चाहिए, न कि “नागपुर” यानी RSS के फैसले का।
BJP ने कांग्रेस को घेरा
मामले में BJP ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। BJP सांसद और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि वंदे मातरम् के पूर्ण संस्करण के गायन पर कांग्रेस की आपत्ति ने उसकी राजनीतिक दिशा को स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब “21वीं सदी की नई मुस्लिम लीग” बन गई है और इस मुद्दे पर पार्टी पूरी तरह अलग-थलग पड़ गई है। BJP नेता ने कांग्रेस पर कथित तौर पर कट्टरपंथी ताकतों के सामने झुकने का भी आरोप लगाया। वहीं BJP नेता आरएस पठानिया ने कहा कि कांग्रेस का पूर्ण वंदे मातरम् पर आपत्ति करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि घाटी में अलगाववादियों ने भी राष्ट्रीय गीत के गायन पर ऐसी आपत्ति नहीं जताई थी।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) ने पिछले महीने वंदे मातरम् को लेकर 1937 के कांग्रेस प्रस्ताव का पालन करने का फैसला किया था। इसके तहत पार्टी ने तय किया कि कांग्रेस के सभी आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल दो अंतरे ही गाए जाएंगे। कांग्रेस का यह फैसला BJP के उन आरोपों के बाद आया था, जिसमें पार्टी पर वंदे मातरम् का पूरा संस्करण नहीं गाकर राष्ट्रीय गीत का कथित तौर पर अपमान करने का आरोप लगाया गया था।
सरकार ने पूरे वंदे मातरम् को लेकर क्या किया?
केंद्र सरकार ने इस साल की शुरुआत में निर्देश दिया था कि सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और आधिकारिक समारोहों में जन गण मन से पहले वंदे मातरम् के सभी छह अंतरे बजाए जाएं। अब जम्मू-कश्मीर में एक कार्यक्रम के दौरान पूरे वंदे मातरम् के गायन को लेकर कांग्रेस की आपत्ति ने एक बार फिर राष्ट्रीय गीत को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है।
वंदे मातरम् विवाद ने एक साथ तीन मोर्चे खोल दिए हैं—कांग्रेस बनाम BJP, कांग्रेस बनाम नेशनल कॉन्फ्रेंस और INDIA गठबंधन के भीतर विचारों का टकराव। आने वाले दिनों में यह मुद्दा जम्मू-कश्मीर की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी और गरमा सकता है।
