शहनाज़ गिल ने बिग बॉस में ट्रोलिंग पर की बात, ‘मेरे शरीर और भाषा के लिए निशाना बनाया गया’

Shehnaaz Gill opens up about being trolled on Bigg Boss: "I was targeted for my body and language."चिरौरी न्यूज

मुंबई: एक्ट्रेस और सिंगर शहनाज़ गिल ने में अपने सफर के दौरान हुई ट्रोलिंग और आलोचनाओं को लेकर खुलकर बात की है। शहनाज़ ने बताया कि शो के दौरान उन्हें उनके शरीर से लेकर हिंदी बोलने के अंदाज़ तक के लिए निशाना बनाया गया। पंजाबी लहज़े में बात करने की वजह से उन्हें कई बार “अनपढ़” और “गंवार” तक कहा गया।

‘द मेल फेमिनिस्ट’ पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान शहनाज़ ने कहा कि जिन चीज़ों के लिए कभी उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जाता था, बाद में वही उनकी पहचान और ताकत बन गईं। उनके मुताबिक, उनका अनोखा बोलने का अंदाज़ और बेबाक व्यक्तित्व ही दर्शकों को सबसे ज्यादा पसंद आया।

बिग बॉस के दिनों को याद करते हुए शहनाज़ ने कहा कि उनके लुक और बातचीत के तरीके को लेकर उन्हें काफी आलोचना झेलनी पड़ी। चूंकि वह पंजाबी में ज्यादा सहज थीं और उस समय हिंदी पर उनकी पकड़ उतनी मजबूत नहीं थी, इसलिए उनकी सामान्य बातचीत को भी कई लोग गलत तरीके से लेते थे।

शहनाज़ ने कहा, “मेरे शरीर को लेकर मुझे बहुत ट्रोल किया गया। मेरी भाषा को लेकर भी मुझे बहुत ट्रोल किया गया।” उन्होंने बताया कि शो के दौरान लोग उन्हें “अनपढ़” और “गंवार” तक कहते थे।

हालांकि, समय के साथ शहनाज़ ने इन्हीं चीज़ों को अपनी ताकत बना लिया। उनका पंजाबी अंदाज़, बोलने का तरीका और खास पर्सनैलिटी दर्शकों के बीच उनकी अलग पहचान बन गया।

बिग बॉस 13 में आने से पहले शहनाज़ मुख्य रूप से पंजाबी म्यूजिक वीडियोज और मनोरंजन जगत में अपने काम के लिए जानी जाती थीं। शो ने उन्हें देशभर में एक बड़ी पहचान दिलाई और वह घर-घर में लोकप्रिय हो गईं।

‘वजन कम करना कोई बड़ी बात नहीं’

शहनाज़ ने बिग बॉस के बाद अपने ट्रांसफॉर्मेशन को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को उसके वजन के आधार पर जज नहीं किया जाना चाहिए। शहनाज़ ने माना कि शो के बाद उन्होंने वजन कम करके लोगों को दिखाया कि ऐसा करना संभव है, लेकिन अब अगर उनका वजन कुछ किलो बढ़ भी जाए तो वह इसे लेकर असहज नहीं होतीं।

उन्होंने कहा कि अगर किसी का वजन चार-पांच किलो बढ़ गया है तो इसमें कोई बड़ी बात नहीं है। उनके मुताबिक, लोगों को अपने शरीर और लुक को लेकर सहज रहना चाहिए।

शहनाज़ ने यह भी कहा कि शरीर में बदलाव होना सामान्य प्रक्रिया है। जब तक कोई व्यक्ति स्वस्थ और अपने शरीर में सहज महसूस करता है, तब तक उसे सुंदरता के किसी तय पैमाने पर खरा उतरने का दबाव नहीं लेना चाहिए।

शहनाज़ ने बॉडी स्टैंडर्ड्स को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि हर व्यक्ति से ‘आवरग्लास फिगर’, यानी पतली कमर और चौड़े कूल्हे व छाती वाली बॉडी शेप की उम्मीद क्यों की जाती है। उन्होंने कहा कि हर किसी का शरीर अलग होना चाहिए और सुंदरता के पैमाने समय के साथ बदलते रहते हैं। अगर किसी समय हेल्दी बॉडी टाइप ट्रेंड बन जाए, तो वह भी लोगों के लिए सुंदरता का पैमाना बन सकता है। शहनाज़ ने अपनी फिल्म ‘इश्कनामा’ के सेट का एक अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि फिल्म के निर्देशक चाहते थे कि उनके किरदार के लिए वह थोड़ी भरी-पूरी नजर आएं।

‘आखिर दुनिया चाहती क्या है?’

शहनाज़ ने कहा कि लोगों की राय उनके वजन के साथ लगातार बदलती रहती है। जब वह वजन कम करती हैं तो लोग सवाल करते हैं कि उन्होंने इतना वजन क्यों घटाया और जब वजन बढ़ता है तो उन्हें फिर से अपने शरीर पर काम करने की सलाह दी जाती है।

उन्होंने कहा, “जब मैं थोड़ा वजन कम करती हूं, तो लोग कहते हैं, ‘तुमने वजन क्यों कम किया?’ जब मैं वजन बढ़ाती हूं, तो वे कहते हैं, ‘तुम मोटी हो गई हो। तुम्हें खुद पर काम करना चाहिए।’”

लगातार होने वाली इस आलोचना पर शहनाज़ ने सवाल किया कि आखिर लोग दूसरे व्यक्ति के शरीर को लेकर हमेशा कुछ न कुछ टिप्पणी क्यों करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या नहीं है और वह अपने शरीर में सहज है, तो उसे लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।

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