‘अग्निसाक्षी’ के सेट पर नाना पाटेकर और मनीषा कोइराला की बॉन्डिंग पर बोले लेखक रणबीर पुष्प, ‘दोस्ती और अंडरस्टैंडिंग थी’
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: 1996 में रिलीज हुई फिल्म ‘अग्निसाक्षी’ के सेट पर नाना पाटेकर और मनीषा कोइराला के रिश्ते को लेकर लंबे समय से चर्चाएं होती रही हैं। अब फिल्म के लेखक रणबीर पुष्प ने दोनों कलाकारों की बॉन्डिंग को लेकर अपनी यादें साझा की हैं। उन्होंने माना कि नाना और मनीषा के बीच करीबी और अच्छी समझ थी, लेकिन उन्होंने व्यक्तिगत रूप से उनके रिश्ते को कभी रोमांटिक नजरिए से नहीं देखा।
सिद्धार्थ कन्नन के साथ बातचीत में रणबीर पुष्प ने कहा कि दोनों कलाकार एक-दूसरे के करीब थे और उनके बीच अच्छी अंडरस्टैंडिंग थी। वे साथ में दृश्यों पर चर्चा करते थे और इसका असर उनके अभिनय में भी दिखाई देता था। जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी दोस्ती गहरी थी, तो उन्होंने कहा, “बिल्कुल थी।”
हालांकि, जब बातचीत नाना पाटेकर और मनीषा कोइराला की केमिस्ट्री के दोस्ती से आगे बढ़ने को लेकर हुई, तो रणबीर ने इससे इनकार किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने दोनों के रिश्ते को कभी उस नजरिए से नहीं देखा। उनके मुताबिक, दोनों के बीच दोस्ती और समझ थी और वे अपने दृश्यों पर चर्चा करते थे। उन्होंने कहा कि बाद में अखबारों में दोनों के रिश्ते को लेकर बातें पढ़ने और सुनने को मिलीं, लेकिन उन्होंने खुद ऐसा कुछ कभी नहीं देखा।
रणबीर ने यह भी स्पष्ट किया कि शूटिंग के दौरान उनका मुख्य ध्यान अपने काम पर रहता था। वह अपना सीन करते, कुछ देर शूटिंग देखते और फिर अपने काम में व्यस्त हो जाते थे।
पार्थो घोष के निर्देशन में बनी ‘अग्निसाक्षी’ में नाना पाटेकर, मनीषा कोइराला और जैकी श्रॉफ मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म के बाद से दोनों कलाकारों के कथित रिश्ते को लेकर अटकलें लगती रही हैं, लेकिन रणबीर पुष्प की बात उनके व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है और वह किसी रोमांटिक रिश्ते की पुष्टि नहीं करती।
