दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से पहले सुरक्षा का अभूतपूर्व पहरा, 25 हजार पुलिसकर्मी तैनात; 45 मेट्रो स्टेशनों पर आवाजाही प्रतिबंधित

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली में करीब 25 हजार पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती की गई है। राजधानी की सीमाओं, रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहीं, 45 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद रखने का फैसला किया गया है।
प्रदर्शन से पहले शुक्रवार रात से ही दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई थी। जंतर-मंतर के आसपास बैरिकेडिंग की गई है। इसके अलावा कई रेल सेवाएं रद्द की गई हैं और मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित कर दी गई हैं।
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस ने इसके पीछे जरूरी प्रक्रियाओं का पालन नहीं होने, पहले की कानून-व्यवस्था संबंधी चिंताओं और बड़े जमावड़े से सुरक्षा एवं यातायात प्रभावित होने की आशंका का हवाला दिया है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां इस संभावना को लेकर सतर्क हैं कि अनुमति नहीं मिलने के बावजूद CJP के सदस्य और समर्थक दिल्ली पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं।
केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस प्रमुखों को पत्र लिखकर दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा है।
9 अक्टूबर के पत्र में खुफिया सूचनाओं का हवाला देते हुए आशंका जताई गई कि CJP के सदस्य और समर्थक प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद दिल्ली में प्रवेश करने का प्रयास कर सकते हैं। राज्यों को खुफिया एजेंसियों, सीमा निगरानी अधिकारियों और दिल्ली पुलिस के साथ लगातार सूचनाओं का आदान-प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली की सीमाओं पर वाहनों की जांच और निगरानी बढ़ा दी गई है। एहतियाती कदम के तौर पर शनिवार को राजधानी में शराब की दुकानें भी बंद रखने का निर्णय लिया गया है। पुलिस सोशल मीडिया पर भी नजर रख रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन से संबंधित पोस्ट और संदेशों की जांच के दौरान 200 से अधिक कंटेंट क्रिएटर्स की गतिविधियां निगरानी के दायरे में हैं।
6,500 जवानों की तैनाती
जंतर-मंतर, जनपथ, निर्वाचन आयोग और दिल्ली पुलिस मुख्यालय को शामिल करते हुए करीब 1.5 किलोमीटर के दायरे को अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया गया है। इस इलाके में 6,500 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की तैयारी है।
जंतर-मंतर की ओर जाने वाली सड़कों पर कम से कम सात स्तर की बैरिकेडिंग की गई है। नई दिल्ली जिले को 20 से अधिक जोन में बांटा गया है। सुरक्षा व्यवस्था में दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 120 से अधिक कंपनियां तैनात किए जाने की संभावना है।
सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए विभिन्न स्थानों पर मॉक ड्रिल भी की गई हैं। संवेदनशील इलाकों में लाउडस्पीकर लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से लोगों को प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने की जानकारी दी जा रही है। साथ ही, अनधिकृत भीड़ जुटाने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हिंसा से बचने की अपील की जा रही है।
12 हिरासत केंद्र तैयार
प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने वाले लोगों को रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने 12 हिरासत केंद्र तैयार किए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को संयम बरतने और किसी भी स्थिति से पेशेवर तरीके से निपटने के निर्देश दिए हैं।
पुलिसकर्मियों को उकसावे में नहीं आने और पिछले प्रदर्शनों से मिले अनुभवों के आधार पर कार्रवाई करने को कहा गया है।
इसके अलावा नई दिल्ली और मध्य दिल्ली के होटलों, लॉज तथा गेस्ट हाउस की जांच की जा रही है। आवास उपलब्ध कराने वालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह की हिदायतें Airbnb संचालकों और संपत्ति मालिकों को भी दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
300 से अधिक CCTV कैमरे, बॉडी कैमरों से भी निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था के तहत नई दिल्ली जिले के संवेदनशील स्थानों पर ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा वाले 300 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, जिनमें अतिरिक्त पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं, के लिए बॉडी कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
घटनाक्रम और पुलिस की कार्रवाई को वास्तविक समय में रिकॉर्ड करने के लिए करीब 100 फोटोग्राफरों और वीडियोग्राफरों को भी लगाया गया है।
दिल्ली पुलिस ने सामुदायिक केंद्रों, मस्जिदों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों के माध्यम से जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। इसके जरिए लोगों को प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने की जानकारी दी जा रही है।
सुरक्षा कारणों से जनपथ-कर्तव्य पथ चौराहे के चार किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं 9 अक्टूबर रात 10 बजे से 10 अक्टूबर रात 10 बजे तक निलंबित की गई हैं।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद यह आदेश जारी किया है। इसमें मोबाइल इंटरनेट की सभी तकनीकों को शामिल किया गया है। एयरटेल, जियो, वीआई और MTNL को आदेश लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
45 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने पहले 57 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास प्रतिबंधित करने की योजना बनाई थी। संशोधित एडवाइजरी के अनुसार, 9 अक्टूबर रात 9 बजे से 10 अक्टूबर शाम 6 बजे तक 45 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद रखने का फैसला किया गया है।
प्रभावित स्टेशनों में जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, नई दिल्ली, मंडी हाउस, आईटीओ, खान मार्केट, हौज खास, लाजपत नगर, कश्मीरी गेट, सीलमपुर, शाहदरा और रिठाला सहित अन्य स्टेशन शामिल हैं।
प्रभावित स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी, हालांकि नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।
इन प्रतिबंधों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह बंद नहीं किया जाना चाहिए। अदालत ने अधिकारियों को आनुपातिक कदम उठाने और यात्रियों, कामगारों तथा विद्यार्थियों की आवाजाही सुरक्षित रखने पर जोर दिया।
10 अक्टूबर को 254 ट्रेनें रद्द
सुरक्षा व्यवस्था का असर रेल सेवाओं पर भी पड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच कुल 254 ट्रेनें रद्द की गई हैं। इनमें 75 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें तथा 179 लोकल ट्रेनें शामिल हैं।
इससे दिल्ली से गाजियाबाद, मेरठ, पानीपत और कुरुक्षेत्र सहित विभिन्न गंतव्यों के लिए चलने वाली रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं। नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जांचने की सलाह दी गई है।
पुरानी दिल्ली, आनंद विहार और दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन चालू हैं। वहीं, नमो भारत कॉरिडोर के सराय काले खां और न्यू अशोक नगर स्टेशन 9 अक्टूबर रात 9 बजे से 10 अक्टूबर रात 10 बजे तक बंद रखे गए हैं।
दिल्ली की 30 प्रमुख सड़कें प्रभावित होने की आशंका
दिल्ली यातायात पुलिस ने 10 अक्टूबर सुबह 6 बजे से करीब 30 सड़क मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई है। इनमें जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस, मंडी हाउस, पटेल चौक, अशोक रोड, जनपथ, लोधी रोड और धौला कुआं सहित कई प्रमुख इलाके शामिल हैं।
प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजामों के बीच यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले मेट्रो और ट्रेन सेवाओं की ताजा स्थिति की जानकारी लें तथा प्रभावित सड़कों से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें।
कुल मिलाकर, CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद संभावित भीड़ जुटने की आशंका के मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा, यातायात और सार्वजनिक परिवहन पर व्यापक निगरानी रखी जा रही है।
