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बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया में घमासान: महासचिव प्रमोद कुमार निलंबित, अध्यक्ष अजय सिंह पर भी लगाए गंभीर आरोप

Turmoil in Boxing Federation of India: Secretary General Pramod Kumar suspended; serious allegations also leveled against President Ajay Singhचिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) ने महासचिव प्रमोद कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उनके द्वारा फेडरेशन के अध्यक्ष अजय सिंह और कार्यकारी निदेशक कर्नल अरुण मलिक पर कथित तौर पर आपराधिक धमकी देने के आरोप लगाए जाने के एक दिन बाद हुई है। प्रमोद कुमार ने अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा था।

बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह ने प्रमोद कुमार पर कथित वित्तीय अनियमितताओं, जांच में सहयोग नहीं करने और अधिकारों के दुरुपयोग जैसे आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की जांच पूरी होने तक उन्हें निलंबित रखने का फैसला किया गया है।

मंगलवार को जारी निलंबन आदेश में प्रमोद कुमार पर आवश्यक मंजूरी के बिना प्रसारण व्यवस्था के लिए कार्यादेश जारी करने का आरोप भी लगाया गया है। इसके अलावा, राष्ट्रीय चैंपियनशिप रद्द किए जाने के मामले में जांच में सहयोग नहीं करने और अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए अनधिकृत बैठक बुलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है।

आदेश के अनुसार, जांच पूरी होने या सक्षम प्राधिकारी द्वारा आदेश में बदलाव किए जाने तक प्रमोद कुमार महासचिव के पद से निलंबित रहेंगे। हालांकि, आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निलंबन एक अंतरिम कदम है और इसे आरोपों पर अंतिम फैसला नहीं माना जाना चाहिए। मामले की जांच बीएफआई के संविधान में निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत की जाएगी।

दूसरी ओर, प्रमोद कुमार ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि अजय सिंह और कर्नल अरुण मलिक ने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को रोकने के लिए दबाव बनाने और धमकाने का सहारा लिया। उनका दावा है कि प्रस्ताव का समर्थन करने वाले कई राज्य संघों को निलंबित करने और उनकी जगह तदर्थ समितियां नियुक्त करने की धमकी दी गई।

प्रमोद कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि फेडरेशन के आधिकारिक ईमेल खाते तक उनकी पहुंच उनकी जानकारी और सहमति के बिना बंद कर दी गई, जिससे उनके कामकाज में बाधा आई। उन्होंने कहा कि बीएफआई के संविधान के तहत सदस्य इकाइयों से औपचारिक अनुरोध मिलने पर अविश्वास प्रस्ताव से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ाना उनकी जिम्मेदारी है।

हालांकि, कर्नल अरुण मलिक ने इन आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने प्रमोद कुमार के आधिकारिक ईमेल की पहुंच बंद किए जाने के दावे को भी खारिज करते हुए कहा कि इस मामले की जांच की जा सकती है।

विवाद का केंद्र 28 अक्टूबर को प्रस्तावित विशेष आम बैठक है, जिसमें अजय सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराया जाना था। हालांकि, मलिक ने इस बैठक को असंवैधानिक बताया है।

इस घटनाक्रम के बाद बीएफआई के नेतृत्व को लेकर विवाद और गहरा गया है। फिलहाल, प्रमोद कुमार निलंबित हैं और उनके खिलाफ जांच लंबित है। वहीं, अध्यक्ष के खिलाफ लगाए गए आरोपों तथा अविश्वास प्रस्ताव से जुड़े विवाद का समाधान होना बाकी है।

 

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