बंगाल में अदाणी ग्रुप का बड़ा हेल्थकेयर निवेश, ₹4,000 करोड़ से बनेगा 2000 बेड का ‘अदाणी आरोग्य मंदिर’
चिरौरी न्यूज
कोलकाता: अदाणी ग्रुप ने पश्चिम बंगाल में अपने विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। न्यू टाउन स्थित बंगाल सिलिकॉन वैली टेक हब में 2,000 बेड वाले ‘अदाणी आरोग्य मंदिर’ का शिलान्यास किया गया। इस परियोजना को अदाणी फाउंडेशन द्वारा विकसित किया जाएगा और इसमें ₹4,000 करोड़ से अधिक का निवेश किया जाएगा।
51.75 एकड़ में विकसित होने वाला यह प्रोजेक्ट पूर्वी भारत के लिए एक विश्वस्तरीय Academic Medical Centre और व्यापक हेल्थकेयर इकोसिस्टम के रूप में तैयार किया जाएगा। परियोजना के पूरी तरह विकसित होने के बाद यहां सालाना 2 लाख से अधिक इनपेशेंट और 20 लाख से ज्यादा आउटपेशेंट को सेवाएं मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, परियोजना से करीब 10,000 रोजगार पैदा होने का अनुमान है।
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने पश्चिम बंगाल को पूर्वी भारत में समूह की ‘कर्मभूमि’ बताते हुए राज्य में बड़े निवेश की योजना का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि 2035 तक पश्चिम बंगाल में विभिन्न क्षेत्रों में ₹1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश किया जाएगा।
इस निवेश के दायरे में पोर्ट्स, लॉजिस्टिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी, पावर जनरेशन, पावर ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन, सड़क एवं पुल, ग्रीन सीमेंट और हाइपरस्केल डेटा सेंटर जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। गौतम अदाणी ने कहा कि गुजरात के मुंद्रा की तरह पश्चिम बंगाल भी पूर्वी भारत में समूह की बड़ी परियोजनाओं के लिए आधार बन सकता है।
1,000 बेड आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए
अदाणी आरोग्य मंदिर को एक विश्वस्तरीय, नॉट-फॉर-प्रॉफिट मेडिकल संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। कुल 2,000 बेड में से 1,000 बेड आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए होंगे। इन बेड पर राज्य और केंद्र सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत पात्र लोगों को उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल के साथ कैंपस में स्टेप-डाउन और ट्रांजिशनल केयर सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। मरीजों के परिजनों के लिए मेडिटेल और विश्राम गृह की व्यवस्था भी होगी।
मेडिकल कॉलेज और हेल्थकेयर एजुकेशन का बड़ा केंद्र
अदाणी आरोग्य मंदिर परिसर में मेडिकल कॉलेज भी स्थापित किया जाएगा। यहां हर साल 150 अंडरग्रेजुएट, 100 से अधिक पोस्टग्रेजुएट और 40 से अधिक सुपर-स्पेशलिस्ट तैयार किए जाएंगे।
इसके अलावा कॉलेज ऑफ नर्सिंग और एलाइड हेल्थकेयर एवं पैरामेडिकल शिक्षा के लिए संस्थान भी विकसित किए जाएंगे। इससे डॉक्टरों, नर्सों, तकनीशियनों और अन्य हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के लिए एक मल्टीडिसिप्लिनरी इकोसिस्टम तैयार होगा। स्वास्थ्यकर्मियों और उनके परिवारों के लिए आवासीय सुविधाएं भी कैंपस का हिस्सा होंगी।
परियोजना के पहले चरण में मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल का मुख्य फोकस कैंसर के इलाज पर रहेगा। यहां एडवांस्ड टर्शियरी और अत्यधिक विशिष्ट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
अदाणी आरोग्य मंदिर में जीनोमिक्स, प्रिसिजन मेडिसिन, बायोमेडिकल इंफॉर्मेटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लिनिकल ट्रायल्स, मॉलिक्यूलर और अन्य एप्लाइड बायोमेडिकल साइंसेज से जुड़ा रिसर्च इकोसिस्टम भी विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक खोजों को बेहतर डायग्नोसिस, इलाज और बीमारी की रोकथाम में बदलना होगा।
Mayo Clinic और SingHealth के साथ साझेदारी
अदाणी फाउंडेशन ने वैश्विक विशेषज्ञता हासिल करने के लिए अमेरिका की Mayo Clinic Global Consulting और सिंगापुर की SingHealth के साथ साझेदारी की है। इन संस्थानों के सहयोग से क्लिनिकल केयर, एकेडमिक मेडिसिन, डिजिटल हेल्थ, क्वालिटी, वर्कफोर्स डेवलपमेंट और इनोवेशन के क्षेत्रों में वैश्विक विशेषज्ञता को परियोजना में शामिल किया जाएगा।
अदाणी आरोग्य मंदिर अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर नई तकनीकों, क्लिनिकल प्रक्रियाओं, वैज्ञानिक ज्ञान और बौद्धिक संपदा के विकास पर भी काम करेगा। इसके जरिए भारत की विशिष्ट स्वास्थ्य चुनौतियों पर शोध करते हुए ऐसे समाधान विकसित करने की योजना है, जिनका लाभ वैश्विक स्तर पर भी मिल सके।
मेडिकल टूरिज्म और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा
अदाणी आरोग्य मंदिर के जरिए कोलकाता को एक बड़े हेल्थकेयर और एकेडमिक मेडिकल सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना है। दूसरे चरण में विभिन्न स्पेशियलिटी और सुपर-स्पेशियलिटी के Centres of Excellence स्थापित किए जाएंगे।
एक व्यापक हेल्थकेयर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित होने के बाद यह परियोजना पूर्वी भारत के मरीजों को इलाज के लिए दूसरे क्षेत्रों में जाने की जरूरत कम करने में मदद कर सकती है।
अदाणी ग्रुप ने स्वास्थ्य और औद्योगिक निवेश के साथ-साथ बंगाल की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी पहलों का भी ऐलान किया। समूह ने प्रसिद्ध कुम्हारटोली घाट के पुनरुद्धार में सहयोग की घोषणा की।
इसके अलावा पश्चिम बंगाल सरकार के साथ ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग के संरक्षण और Adani Pujo Preview के जरिए कोलकाता की दुर्गा पूजा की कला एवं संस्कृति को वैश्विक मंच तक पहुंचाने के लिए दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस पहल से पूजा आयोजकों, कलाकारों, कारीगरों, सेवा प्रदाताओं और बंगाल से जुड़े व्यापक इकोसिस्टम को समर्थन मिलने की योजना है।
