BCCI के ‘सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस’ पर उठ रहे सवालों के बीच अश्विन ने सिस्टम पर जवाबदेही तय करने की बात की

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: BCCI का सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस (CoE) हाल ही में गलत वजहों से चर्चा में रहा है। कई रिपोर्ट्स में टॉप भारतीय क्रिकेटरों के चोट के कारण लंबे समय तक बाहर रहने और बेंगलुरु स्थित CoE के इस पुराने मसले को हल न कर पाने पर सवाल उठाए गए हैं।
हाल ही में एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि CoE की स्पोर्ट्स साइंस और मेडिकल टीम और सीनियर नेशनल पुरुष सिलेक्शन कमिटी के बीच बातचीत में भारी कमी एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ से जसप्रीत बुमराह का बाहर रहना इसका ताज़ा उदाहरण है।
पता चला है कि नेशनल सिलेक्शन कमिटी को शुरू में बताया गया था कि बुमराह 15 अगस्त से शुरू होने वाली श्रीलंका सीरीज़ के लिए उपलब्ध रहेंगे, लेकिन बाद में पता चला कि उनकी चोट उम्मीद से ज़्यादा गंभीर थी।
भारत के पूर्व स्टार खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन ने माना कि जवाबदेही तय होनी चाहिए। अश्विन ने अपने YouTube चैनल पर कहा, “मुझे लगता है कि अब टेस्ट, ODI और T20I के लिए अलग-अलग टीमें बनाने का समय आ गया है। हो सकता है कि एक-दो खिलाड़ी दोनों टीमों में हों। मुझे लगता है कि किसी न किसी स्तर पर खिलाड़ियों की चोट के मैनेजमेंट के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए।”
“मुझे पता है कि वरुण चक्रवर्ती पिछले तीन-चार महीनों से NCA में थे। हम TNPL के लिए इजाज़त मांग रहे थे, लेकिन उन्होंने उन्हें नहीं छोड़ा। उन्हें एक महीने में वापस आ जाना चाहिए था, लेकिन वे दो-तीन महीने तक वहीं रहे।”
पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने अपने खेलने के दिनों में ओलंपिक लिफ्टिंग के कारण लगी ‘साइड स्ट्रेन’ की चोट के बारे में भी बात की। अश्विन ने कहा, “एक खिलाड़ी के तौर पर आपको यह भी देखना होता है कि आपका ट्रेनिंग का तरीका सही है या नहीं। क्या मैं सही एक्सरसाइज़ कर रहा हूँ? 2015 में मुझे जो ‘साइड स्ट्रेन’ हुआ था, वह ओलंपिक लिफ्टिंग की वजह से ही हुआ था। उसके बाद मैंने ‘स्नैचिंग’ करना छोड़ दिया।”
“ओलंपिक लिफ्टिंग से आप निश्चित रूप से तेज़ हो सकते हैं; इससे आपकी पावर भी बढ़ती है। लेकिन अगर आपको ऐसी चोट लगती है जो आपके लिए ठीक नहीं है, तो खिलाड़ी को भी ध्यान देना चाहिए कि वह क्या कर रहा है।”
