बायर ने कोविड-19 से प्रभावित छोटी जोत वाले 4 लाख किसानों को बेटर लाइफ फार्मिंग केयर पैकेज प्रदान  किया

चिरौरी न्यूज़ डेस्क

नई दिल्ली: कोविड-19 महामारी के दौर में अतिरिक्त संकटों का सामना करने वाले छोटे किसानों की सहायता के लिए बायर ने ‘बेटर फार्म्स, बेटर लाइव्स ’ यानि ‘बेहतर खेती, बेहतर ज़िन्दगी’  नामक एक नया विश्वव्यापी अभियान आरम्भ किया है। बायर इस अभियान के जरिये एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में निःशुल्क बेटर लाइफ फार्मिंग केयर पैकेज के माध्यम से  20 लाख लघु किसानों की सहायता करेगा। इस पैकेज को किसानों की स्थानीय ज़रूरतों के अनुसार तैयार किया जाएगा और इसमें बायर के हाइब्रिड बीज, फसल सुरक्षा उत्पाद, निजी सुरक्षा उपकरण (पीपीई) एवं प्रशिक्षण सम्बन्धी सामग्री शामिल होगी ।

भारत में इस अभियान के अंतर्गत 17 राज्यों के 204 जिलों में 4,00,000 लघु किसानों को धान, मक्का, सब्जियों और ज्वार-बाजरे जैसी प्रमुख फसलों की खेती में मदद मिलेगी । छोटी जोत वाली महिला किसानों तथा मज़बूरीबश बाहर से अपने गाँव वापिस आने के पश्चात, अपने परिवार के छोटे खेतों में कृषि आरम्भ करने के इच्छुक प्रवासी श्रमिकों पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया जाएगा।

प्रत्येक लघु किसान को एक पैकेज मिलेगा जिसमें उनके इलाके में उगाई जाने वाली फसलों के हाइब्रिड बीज और फसल सुरक्षा उत्पाद होंगे। इसके अतिरिक्त, बायर किसानों को बीजों की बुवाई से लेकर फसल की कटाई तक रोग और कीट प्रबंधन के बारे में मार्गदर्शन प्रदान करेगा और उनकी पैदावार के लिए बाजार की सुलभता बढ़ाने में भी सहयोग करेगा। पैकेज में किसानों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की ज़रूरतें पूरी करने के लिए फेस मास्‍क और निजी निजी सुरक्षा उपकरण (पीपीई) भी होंगे। पैकेज का वितरण करने के अलावा, बायर आधुनिक कृषि तकनीकों के इस्‍तेमाल को लेकर अपनी क्षमता सुधारने के लिए किसानों को प्रशिक्षण भी देगा।

बायर क्रॉप साइंस लिमिटेड के सीईओ और बायर के स्मॉलहोल्डर फार्मिंग इनिशिएटिव्ज के ग्लोबल लीड, डी नारायण ने कहा कि, “छोटे किसान भारत की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन मौजूदा कोविड-19 की स्थिति ने उनकी अपने परिवार और समाज के लिए पर्याप्त खाद्यान्न उत्पादन की क्षमता को प्रभावित किया है। लॉकडाउन और आवाजाही पर पाबंदियों से उनके लिए बीजों, फसल सुरक्षा उत्पादों और मजदूरों की सुलभता पर भी असर पड़ा है।”

डी नारायण ने आगे कहा कि, “बायर के ‘बेटर फार्म्स, बेटर लाइव्स’ अभियान से छोटे किसानों को खरीफ के इस मौसम में और उसके बाद कृषि सम्बन्धी उत्पाद एवं परामर्श की सुलभता तत्काल सहायता होगी। यह कदम कोविड-19 द्वारा सबसे ज्यादा प्रभावित छोटी जोत वाले समुदायों की आजीविका को भी मजबूती देगा। लंबे समय में हमारा लक्ष्य छोटे किसानों को फसल की ज्यादा पैदावार सुनिश्चित करने और अपने खेतों को किसी तरह जीने के साधन के रूप में नहीं, बल्कि चिरस्थायी आमदनी के स्रोत के रूप में विकसित करने के लिए मदद करना है।”

बायर केयर पैकेज को भारत में स्थानीय फार्मर प्रोडूसर आर्गेनाईजेशंस (एफपीओ), फार्मर प्रोडूसर कम्पनीज (एफपीसी) और कृषि-केन्द्रित स्थानीय सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स (एसएचजी) के नेटवर्क के माध्यम से लघु किसानों के बीच वितरित करेगा। यही नहीं, अगले चरण में बायर इस पहल के प्रभावों का आकलन करने के लिए थर्ड-पार्टी अध्‍ययन करेगा ताकि खाद्य सुरक्षा और आजीविका सहयोग के लिहाज से इस पहल के महत्‍व का आकलन किया जा सके।

वर्ष 2030 तक विकासशील देशों में 10 करोड़ से अधिक लघु किसानों की मदद करने के लिए बायर वचनबद्ध है। कोविड-19 महामारी के दौर में ‘बेटर फार्म्स, बेटर लाइव्स’ अभियान बायर के स्मालहोल्डर सपोर्ट गतिविधियों का पूरक हिस्सा है। इस कदम से लघु किसानों को मध्‍यम अवधि में राहत के साथ चिरस्थाई वापसी में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा बायर सरकारों, अंतरराष्ट्रीय ख्याति के गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और स्थानीय सामजिक  संगठनों के साथ अपना सहयोग बढ़ाएगा एवं सफलताओं के अनुभव साझा करने के लिए स्मालहोल्डर सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस का निर्माण करेगा । डिजिटल खेती के माध्यम से लघु किसानो की क्षमता में वृद्धि के साथ प्रभावशाली मूल्य श्रंखला के निर्माण हेतु साझेदारियों का विस्तार भी करेगा.

 

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