भारतीय यूथ फुटबॉल टीम में फिर लौटेंगे बिबियानो फर्नांडिस, संभालेंगे U-15 टीम की कमान
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारतीय फुटबॉल के यूथ सेटअप में बिबियानो फर्नांडिस की वापसी होने जा रही है। पूर्व भारत U-17 कोच ने कथित तौर पर अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है और अब वह भारत की U-15 राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे।
बिबियानो की नियुक्ति ऐसे समय हो रही है, जब भारत इस साल के अंत में अजरबैजान में होने वाले पहले FIFA U-15 वर्ल्ड कप एंड फेस्टिवल की तैयारी कर रहा है।
कोचिंग स्ट्रक्चर पर बनी सहमति
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित कोचिंग स्ट्रक्चर को लेकर उठी चिंताओं का समाधान होने के बाद बिबियानो ने पद स्वीकार किया। AIFF की तकनीकी समिति ने उन्हें इस पद के लिए पसंदीदा उम्मीदवार बनाया था और महासंघ की कार्यकारी समिति ने पिछले सप्ताह उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी थी।
शुरुआत में टीम मैनेजर के पद पर मिनर्वा अकादमी के मालिक रंजीत बजाज को नियुक्त किए जाने की बात सामने आई थी। इससे टीम के कोचिंग ढांचे को लेकर सवाल उठे थे। बिबियानो को आशंका थी कि मैनेजर की भूमिका से उनके फुटबॉल संबंधी फैसलों में हस्तक्षेप हो सकता है।
अब AIFF ने कोच और मैनेजर की जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से अलग कर दिया है। बिबियानो के पास कोचिंग, टीम चयन और तमाम फुटबॉल संबंधी फैसलों का नियंत्रण रहेगा, जबकि मैनेजर की भूमिका मुख्य रूप से लॉजिस्टिक्स और प्रशासनिक जिम्मेदारियों तक सीमित होगी।
रंजीत बजाज की भूमिका पर संशय
बिबियानो के पद संभालने के लिए तैयार होने के बाद रंजीत बजाज के मैनेजर की भूमिका स्वीकार करने की संभावना कम मानी जा रही है। बजाज ने इससे पहले संकेत दिया था कि अगर बिबियानो कोच बनने से इनकार करते हैं, तो वह मैनेजर की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हो सकते हैं।
मिनर्वा अकादमी के जरिए बजाज ने भारत में सफल यूथ फुटबॉल कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी अकादमी ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई खिताब जीते हैं।
AIFF की तकनीकी समिति के सामने बजाज ने कथित तौर पर एक महत्वाकांक्षी योजना भी पेश की थी, जिसका लक्ष्य भारत को 2034 FIFA वर्ल्ड कप तक पहुंचाने में मदद करना था।
यूथ स्तर पर बिबियानो का शानदार रिकॉर्ड
बिबियानो फर्नांडिस की वापसी से भारत को यूथ फुटबॉल में अनुभवी कोच का फायदा मिलेगा। पूर्व भारतीय मिडफील्डर ने 2018 से 2023 के बीच भारत को लगातार तीन AFC U-16/U-17 एशियन कप के लिए क्वालीफाई कराया था।
उनके कार्यकाल की सबसे यादगार उपलब्धियों में ईरान के खिलाफ भारत की 2-1 की जीत भी शामिल है। इस जीत ने भारत को इस साल की एशियन चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करने में अहम भूमिका निभाई। अब बिबियानो के सामने देश के सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय टीम खिलाड़ियों को नए वैश्विक मंच के लिए तैयार करने की चुनौती होगी।
नए फॉर्मेट में होगा FIFA U-15 वर्ल्ड कप
FIFA U-15 वर्ल्ड कप एंड फेस्टिवल पहली बार आयोजित किया जा रहा है। इसमें FIFA से जुड़े सभी 211 सदस्य संघों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। टूर्नामेंट का फॉर्मेट भी पारंपरिक फुटबॉल से अलग होगा। मुकाबले 8 खिलाड़ियों वाली टीमों के बीच खेले जाएंगे और प्रत्येक मैच में 20-20 मिनट के दो हाफ होंगे। हर टीम 14 खिलाड़ियों का पंजीकरण करा सकेगी, जिसमें अधिकतम दो गोलकीपर शामिल होंगे।
भारत के लिए यह टूर्नामेंट देश के युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मौका होगा। बिबियानो के नेतृत्व में अब भारतीय टीम की तैयारियों का फोकस इस नए प्रारूप वाले FIFA आयोजन में मजबूत शुरुआत करने पर रहेगा।
