प्रतापगढ़ में सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, राम मंदिर दान चोरी मामले और वक्फ ज़मीन विवाद पर उठाए सवाल

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रतापगढ़ में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए राम मंदिर दान चोरी मामले को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष अयोध्या की एक घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर हिंदू आस्था को निशाना बना रहा है, जबकि वक्फ के नाम पर कथित रूप से हुई ज़मीन की अनियमितताओं पर पूरी तरह मौन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या आज देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण बन चुकी है, लेकिन विपक्ष को यह स्वीकार नहीं हो रहा कि बड़ी संख्या में लोग अयोध्या पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा, “आज अयोध्या सभी को आकर्षित करती है। विपक्ष को इस बात से तकलीफ़ है कि इतने सारे लोग अयोध्या आ रहे हैं।”
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनके राजनीतिक रुख में बार-बार बदलाव देखने को मिलता है। उन्होंने कहा, “समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के राजनीतिक यू-टर्न को देखकर गिरगिट भी शर्मिंदा हो जाएगा। ये लोग एक घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर हिंदुओं का अपमान करना चाहते हैं और उनकी आस्था पर हमला कर रहे हैं।”
वक्फ ज़मीन के मुद्दे पर विपक्ष की चुप्पी पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने विपक्ष से सवाल किया कि जिस तरह वह राम मंदिर दान चोरी मामले पर मुखर है, उसी तरह वक्फ के नाम पर कथित रूप से हुई ज़मीन की बिक्री और अनियमितताओं पर उसने कभी आवाज़ क्यों नहीं उठाई।
उन्होंने कहा, “मैं समाजवादी पार्टी और कांग्रेस से पूछना चाहता हूँ कि अयोध्या में हुई चोरी का इस्तेमाल आप हिंदू आस्था के साथ खिलवाड़ करने के लिए कर रहे हैं, लेकिन क्या आपने कभी वक्फ के नाम पर बेची गई हज़ारों हेक्टेयर ज़मीन के बारे में एक शब्द भी कहा?”
योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि वह ज़मीन गरीबों और कमजोर वर्गों के हित में इस्तेमाल की जा सकती थी, लेकिन उस पर कब्ज़ा कर कुछ लोगों को लाभ पहुंचाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने कभी कोई सवाल नहीं उठाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर दान चोरी का मामला सामने आते ही सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने कहा, “राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने स्वयं एसआईटी जांच की मांग की थी। मैंने कहा था कि सच्चाई सामने आएगी। एसआईटी की जांच के आधार पर एफआईआर दर्ज हुई और जिनके खिलाफ़ सबूत मिले, उनके खिलाफ़ कार्रवाई की गई।”
उन्होंने आगे कहा, “लेकिन जब वक्फ की बात आती है तो समाजवादी पार्टी और कांग्रेस अचानक चुप क्यों हो जाती हैं? वक्फ के नाम पर हुई कथित चोरी के मामलों में उनके मुंह पर ताला क्यों लग जाता है?”
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि चुनाव नज़दीक आते ही विपक्ष ऐसे मुद्दे उठाता है, जिनसे समाज में विभाजन पैदा हो। उन्होंने कहा, “आज कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के पास केवल दो ही मुद्दे बचे हैं—जाति के नाम पर समाज को बांटना और लोगों की आस्था पर हमला करना।”
राम मंदिर आंदोलन और अयोध्या पर विपक्ष के पुराने रुख का किया ज़िक्र
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के पुराने राजनीतिक रुख का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस ने कभी भगवान राम और भगवान कृष्ण के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे, जबकि समाजवादी पार्टी ने राम भक्तों पर गोलियां चलवाई थीं।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने कभी कहा था कि भगवान राम और भगवान कृष्ण का कोई अस्तित्व नहीं है। अयोध्या में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने बाबरी ढांचे का समर्थन किया और उस पर मगरमच्छ के आंसू बहाए। अब गिरगिट की तरह रंग बदलकर वे आस्था की बात कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “अयोध्या आपके लिए आस्था का विषय कब से बन गई? यदि राम भक्त कहते हैं कि उनकी आस्था अयोध्या से जुड़ी है तो उन्हें यह कहने का पूरा अधिकार है, लेकिन कांग्रेस को ऐसा कहने का कोई अधिकार नहीं है।”
योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा, “जिस पार्टी ने भगवान राम के अस्तित्व को ही नकार दिया और जिस समाजवादी पार्टी ने राम भक्तों पर गोलियां चलवाईं, वे आज किस आस्था की बात कर रहे हैं?”
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर आरोप लगाया कि हिंदू धार्मिक स्थलों के विकास के लिए निर्धारित धन का इस्तेमाल कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल बनाने में किया गया।
उन्होंने कहा, “हिंदू धार्मिक स्थलों के विकास के लिए बने पैसे का इस्तेमाल कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल बनाने में किया गया। क्या तब आस्था का कोई महत्व नहीं था?”
उन्होंने अवैध बूचड़खानों और गो-तस्करी का मुद्दा उठाते हुए कहा, “जब अवैध बूचड़खाने चलाए जा रहे थे और गायों को तस्करों के हवाले कर काटा जा रहा था, तब क्या हिंदू आस्था को ठेस नहीं पहुंचती थी?”
विकास कार्यों का भी किया उल्लेख
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले गरीब परेशान थे, युवाओं को पलायन करना पड़ता था और किसान अनेक समस्याओं से जूझ रहे थे।
उन्होंने कहा, “पहले ‘एक ज़िला, एक माफिया’ की पहचान थी, लेकिन हमारी सरकार ने ‘एक ज़िला, एक मेडिकल कॉलेज’ की दिशा में काम किया।”
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रतापगढ़, जहां कभी मेडिकल कॉलेज की कल्पना भी नहीं की जाती थी, वहां आज मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुका है और जल्द ही एक नर्सिंग कॉलेज भी शुरू होगा। उन्होंने गंगा एक्सप्रेसवे का उल्लेख करते हुए कहा कि मजबूत बुनियादी ढांचा प्रदेश के तेज़ विकास की आधारशिला है।
