पीएम मोदी की इंडोनेशिया यात्रा: रक्षा से लेकर अंतरिक्ष तक करीब 20 समझौते, ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल सौदे पर लगी मुहर

PM Modi's Indonesia visit: Around 20 agreements ranging from defense to space; deals for BrahMos and Astra missiles sealed.चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा भारत और इंडोनेशिया के द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई। इस दौरान दोनों देशों ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा, अंतरिक्ष, महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स), कृषि, चुनाव प्रबंधन, सांस्कृतिक विरासत संरक्षण और औद्योगिक सहयोग सहित करीब 20 अहम समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धि रक्षा क्षेत्र में रही, जहां भारत इंडोनेशिया को अपनी स्वदेशी ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली और अस्त्र एयर-टू-एयर मिसाइल उपलब्ध कराएगा। इसे भारत के रक्षा निर्यात, ‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ अभियान और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक भूमिका को मजबूत करने वाला बड़ा कदम माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने पर सहमति बनी। दोनों नेताओं ने रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, डिजिटल अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। वर्ष 2018 में स्थापित व्यापक रणनीतिक साझेदारी के बाद इसे दोनों देशों के रिश्तों में अब तक की सबसे बड़ी प्रगति माना जा रहा है।

ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल से मजबूत होगा रक्षा सहयोग

बैठक की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि रक्षा क्षेत्र में हुई। भारत और इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली को लेकर महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। इसके तहत इंडोनेशिया अपने ब्रह्मोस मिसाइल भंडार का विस्तार करेगा और भारत अतिरिक्त ब्रह्मोस मिसाइल बैटरियों की आपूर्ति करेगा।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, इस रक्षा समझौते के तहत इंडोनेशिया भारत से करीब 63 करोड़ डॉलर मूल्य के हथियार खरीदेगा। इसके अलावा इंडोनेशिया ने भारत की स्वदेशी अस्त्र एयर-टू-एयर मिसाइल को भी अपनाने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि भारतीय मिसाइल प्रणाली की प्रभावी क्षमता से प्रभावित होकर इंडोनेशिया ने यह निर्णय लिया है। इससे भारत के रक्षा निर्यात को नई गति मिलने की उम्मीद है।

चुनाव प्रबंधन में सहयोग, ईवीएम विकसित करने में भारत करेगा मदद

चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र में भी दोनों देशों ने महत्वपूर्ण समझौता किया। भारत के निर्वाचन आयोग (ईसीआई) और इंडोनेशिया के आम चुनाव आयोग (केपीयू) के बीच हुए समझौते के तहत चुनावी प्रबंधन, तकनीक, प्रशिक्षण और सर्वोत्तम प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा।

भारत, इंडोनेशिया की आवश्यकताओं के अनुरूप विशेष इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) विकसित करने में भी सहयोग करेगा। भारत और इंडोनेशिया ने समुद्री सुरक्षा सहयोग को भी नई दिशा देने का निर्णय लिया। समझौते के तहत दोनों देशों के तटरक्षक बल समुद्री निगरानी, खोज एवं बचाव अभियान, क्षमता निर्माण और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेंगे।

इसके साथ ही दोनों देशों ने साबांग बंदरगाह के विकास में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। मलक्का जलडमरूमध्य के निकट स्थित यह बंदरगाह भारत की ग्रेट निकोबार परियोजना के बेहद करीब है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की दृष्टि से अत्यंत रणनीतिक महत्व रखता है।

क्रिटिकल मिनरल्स और स्टील क्षेत्र में बढ़ेगा निवेश

भारत और इंडोनेशिया ने महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) और इस्पात आपूर्ति श्रृंखला तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। इस समझौते के तहत भारत इंडोनेशिया में स्टील, निकेल और रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स के निर्माण में निवेश करेगा। इससे खनिज क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, आधुनिक निष्कर्षण एवं प्रसंस्करण तकनीकों तक पहुंच आसान होगी और संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा।

यह सहयोग इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), सेमीकंडक्टर और अन्य हाई-टेक उद्योगों के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को भी मजबूत करेगा।

इसी क्रम में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) और इंडोनेशिया की पीटी क्राकाताउ स्टील के बीच इंडोनेशिया में स्टेनलेस स्टील स्लैब निर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए संयुक्त उद्यम (जॉइंट वेंचर) पर भी सहमति बनी। इससे दोनों देशों में औद्योगिक उत्पादन, तकनीकी सहयोग और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

रेयर अर्थ मैग्नेट्स पर भी बनी साझेदारी

रेयर अर्थ और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए नॉन-फेरस मैटेरियल्स टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर (एनएफटीडीसी), मिडवेस्ट लिमिटेड और पीटी पर्मिनास के बीच भी समझौता हुआ। इस साझेदारी का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर रेयर अर्थ सप्लाई चेन का विविधीकरण करना और रणनीतिक खनिजों की स्थिर उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

दोनों देशों ने शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए अंतरिक्ष सहयोग संबंधी रूपरेखा समझौते का विस्तार करने पर सहमति जताई। इससे संयुक्त अनुसंधान, उपग्रह तकनीक, वैज्ञानिक सहयोग और क्षमता निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।

कृषि क्षेत्र में भारत इंडोनेशिया को डीडब्ल्यूआर-162 किस्म के 100 टन उच्च गुणवत्ता वाले गेहूं के बीज उपलब्ध कराएगा। इसका उद्देश्य खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना और टिकाऊ कृषि सहयोग को बढ़ावा देना है। भारत और इंडोनेशिया ने सांस्कृतिक सहयोग को भी नई गति देने का निर्णय लिया। भारत इंडोनेशिया के योग्याकार्ता स्थित विश्व प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण और पुनरुद्धार में सहयोग करेगा। दोनों देशों का मानना है कि यह पहल “विकास भी, विरासत भी” की भावना को आगे बढ़ाएगी और भारत तथा इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक एवं सभ्यतागत विरासत के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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