भारत में 2026 से शुरू होगा सेमीकंडक्टर चिप का व्यावसायिक उत्पादन: अश्विनी वैष्णव
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को कहा कि भारत वर्ष 2026 में सेमीकंडक्टर चिप का व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने की दिशा में पूरी तरह से तय समय-सीमा पर आगे बढ़ रहा है। यह लक्ष्य जनवरी 2022 में शुरू किए गए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत निर्धारित किया गया था।
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, वैष्णव ने बताया कि मिशन की शुरुआत के समय सरकार ने पांच वर्षों के भीतर कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू करने का लक्ष्य रखा था।
उन्होंने कहा,“पहला व्यावसायिक उत्पादन 2026 में शुरू होगा और इस साल चार सेमीकंडक्टर प्लांट्स के संचालन में आने की उम्मीद है। पायलट प्रोडक्शन भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।”
नीदरलैंड के वेल्डहोवन दौरे के महत्व पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि भारत एक नए सेमीकंडक्टर उद्योग की नींव रख चुका है और इस पूरे क्षेत्र में लिथोग्राफी सबसे जटिल और अत्यधिक सटीक प्रक्रिया है, जिसके बिना चिप निर्माण संभव नहीं है।
उन्होंने बताया कि नीदरलैंड स्थित सेमीकंडक्टर उपकरण निर्माता ASML दुनिया की सबसे बड़ी लिथोग्राफी टूल्स प्रदाता कंपनी है, जो वैश्विक स्तर पर बनने वाली लगभग हर सेमीकंडक्टर चिप के निर्माण में अहम भूमिका निभाती है।
अश्विनी वैष्णव ने कहा, “सेमीकंडक्टर उद्योग में लिथोग्राफी का मतलब वेफर पर सर्किट प्रिंट करना होता है, जो सबसे कठिन और सबसे सटीक प्रक्रिया है। नीदरलैंड की ASML इस क्षेत्र की वैश्विक लीडर है। गुजरात के धोलेरा में बनने वाला भारत का सेमीकंडक्टर फैब ASML के उपकरणों का उपयोग करेगा।”
इस दौरान मंत्री ने वेल्डहोवन में ASML के मुख्यालय का भी दौरा किया।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि ASML भारत में अपनी मौजूदगी दर्ज कराती है, तो यह देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने यह भी बताया कि दुनिया भर के कई सेमीकंडक्टर उपकरण निर्माता अब भारत में निवेश और बेस स्थापित करने में रुचि दिखा रहे हैं।
मंत्री के अनुसार, भारत की मजबूत डिजाइन क्षमताएं, विशाल टैलेंट पूल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्थिर एवं दूरदर्शी नीतियां वैश्विक कंपनियों को आकर्षित कर रही हैं।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय सहयोग भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में एक अहम भूमिका निभाने में मदद करेंगे और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग तथा नवाचार के क्षेत्र में देश की महत्वाकांक्षाओं को और गति देंगे।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में प्रगति पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में भी भारत की क्षमताएं तेजी से मजबूत हो रही हैं और आने वाले वर्षों में भारत टेक्नोलॉजी लीडर के रूप में उभरेगा।
