फारूक अब्दुल्ला ने फिर उठाई राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग, आतंकवाद पर केंद्र सरकार को घेरा

Farooq Abdullah again raised the demand for restoration of statehood, cornered the central government on terrorism
(Pic/Twitter)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में हालिया आतंकी घटनाओं के बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने एक बार फिर अनुच्छेद 370 हटाए जाने और राज्य का दर्जा बहाल करने का मुद्दा उठाया है। उनके बयान पर बीजेपी और पीडीपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और आतंकवाद को राज्य का दर्जा बहाली की मांग से जोड़ने पर सवाल खड़े किए हैं।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने रविवार को कहा कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद भी जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल करते हुए कहा कि यदि आतंकवाद समाप्त हो चुका है, तो हाल में निर्दोष लोगों की हत्या करने वाले आतंकी कौन हैं?

फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “आप कहते थे कि आतंकवाद खत्म हो गया। अगर ऐसा है, तो ये हत्यारे कौन हैं? उन्होंने जम्मू-कश्मीर को दोबारा राज्य का दर्जा देने की मांग भी दोहराई।

हालांकि, उनके इस बयान पर बीजेपी और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने कड़ी आपत्ति जताई। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि आतंकवादी घटनाओं को राज्य का दर्जा बहाल कराने की मांग से जोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता इस दुखद घटना का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहे हैं।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में दक्षिण कश्मीर में दो मजदूरों की आतंकियों द्वारा हत्या के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया है और सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया है।

फारूक अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि 2019 के बाद हालात बदलने के दावों के बावजूद आतंकवाद खत्म नहीं हुआ। उन्होंने सवाल किया कि जब सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित बताई जाती हैं, तो आतंकी आखिर आते कहां से हैं।

इसके अलावा उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में मानवाधिकारों की स्थिति पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि पीओके के लोग पाकिस्तान के दमन का सामना कर रहे हैं और संयुक्त राष्ट्र को वहां मानवाधिकार मिशन भेजना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत, पीओके को अपना अभिन्न अंग बताने के बावजूद वहां के लोगों पर हो रहे अत्याचारों का मुद्दा प्रभावी ढंग से नहीं उठा रहा है।

बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि वह इस त्रासदी का इस्तेमाल राज्य का दर्जा बहाल कराने की मांग के लिए नहीं करेंगे। हालांकि, जुलाई में दिल्ली में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।

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