वर्ल्ड कप की चर्चाओं के बीच रोहित शर्मा को गौतम गंभीर का पूरा समर्थन
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारतीय टीम मैनेजमेंट ने सीनियर बल्लेबाज़ रोहित शर्मा को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, टीम का मानना है कि रोहित को भविष्य की चर्चाओं और बाहरी दबाव से दूर रखकर पूरी मानसिक आज़ादी के साथ खेलने का मौका दिया जाना चाहिए। इसी सोच के तहत हेड कोच गौतम गंभीर ने उन्हें बिना किसी दबाव के अपना नैचुरल गेम खेलने की खुली छूट दी है।
इंग्लैंड के खिलाफ़ वनडे सीरीज़ के पहले मुकाबले में रोहित शर्मा का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। भारतीय कप्तान ने 21 गेंदों में सिर्फ़ 11 रन बनाए। उन्होंने जोफ़्रा आर्चर की गेंद पर अपने पसंदीदा पुल शॉट से चौके के साथ खाता खोला, लेकिन इसके बाद सैम करन की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में हैरी ब्रूक को कैच थमा बैठे।
‘टीम के लिए बहुत कुछ किया’
सूत्रों के अनुसार, गौतम गंभीर ने रोहित को स्पष्ट संदेश दिया है कि उन्हें अपने भविष्य या टीम में जगह को लेकर चल रही चर्चाओं की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। टीम मैनेजमेंट चाहता है कि वह उसी बेफिक्र अंदाज़ में बल्लेबाज़ी करें, जिसने उन्हें दुनिया के सबसे सफल वनडे बल्लेबाज़ों में शामिल किया।
एक सूत्र ने कहा, “रोहित ने व्हाइट-बॉल क्रिकेट में भारत के लिए असाधारण योगदान दिया है। कोच चाहते हैं कि वह अपने पूरे करियर की तरह निडर होकर खेलें और अपने स्वाभाविक खेल पर भरोसा रखें।”
सूत्र ने आगे कहा कि लगातार हो रही आलोचना और हर पारी के अत्यधिक विश्लेषण से किसी भी अनुभवी खिलाड़ी पर मानसिक दबाव बढ़ता है।
“रोहित जैसे खिलाड़ी तब अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं, जब उन्हें बाहरी दबाव से मुक्त रखा जाए। हर पारी को लेकर सवाल उठाने के बजाय ऐसे खिलाड़ी पर भरोसा दिखाना ज़्यादा ज़रूरी है, जिसने वर्षों तक भारत के लिए लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। शांत और आत्मविश्वास से भरे रोहित अकेले दम पर मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। कई बार तकनीकी बदलावों से ज़्यादा भरोसा और धैर्य अहम होता है।”
गंभीर का यह रुख ऐसे समय सामने आया है, जब रोहित शर्मा के वनडे भविष्य को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए उनकी जगह पर सवाल उठ रहे हैं।
रोहित की कप्तानी में भारत ने 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। हालांकि, खिताब जीतने के बाद वनडे टीम की कप्तानी शुभमन गिल को सौंप दी गई। इसके बाद यह चर्चा तेज हुई कि 39 वर्षीय रोहित अगले वर्ल्ड कप तक 41 साल के हो जाएंगे और दक्षिण अफ्रीका की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उनकी भूमिका क्या होगी।
हालांकि, टीम के करीबी सूत्रों का कहना है कि रोहित ने अपनी फिटनेस पर लगातार मेहनत की है और वह पूरी तरह तैयार हैं। शुभमन गिल की कप्तानी में खेलने के बाद से रोहित शर्मा ने 13 वनडे मैचों में 46.91 की औसत से 563 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और चार अर्धशतक निकले हैं। वहीं, विराट कोहली ने इसी दौरान 17 मैचों में 64 की औसत से 896 रन बनाए हैं, जिसमें चार शतक और पांच अर्धशतक शामिल हैं।
टीम मैनेजमेंट का मानना है कि फिलहाल रोहित के भविष्य पर चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है। पूरी प्राथमिकता इस बात पर है कि जब भी वह मैदान पर उतरें, पूरी मानसिक शांति और आत्मविश्वास के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। एक सूत्र ने कहा, “भविष्य में क्या होगा, यह कोई नहीं जानता। अभी पूरा फोकस वर्तमान पर है। टीम चाहती है कि रोहित का मन पूरी तरह शांत रहे ताकि वह बिना किसी दबाव के अपना सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खेल सकें।”
महान बल्लेबाज़ों में शुमार
रोहित शर्मा वनडे क्रिकेट के सबसे सफल बल्लेबाज़ों में गिने जाते हैं। उन्होंने 286 वनडे मैचों में 48.68 की औसत से 11,731 रन बनाए हैं। उनके नाम 33 शतक दर्ज हैं, जबकि 264 रन की पारी वनडे इतिहास का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है। वह पुरुषों के वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक लगाने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज़ भी हैं।
भारतीय टीम का मानना है कि रोहित अभी भी टीम की योजनाओं का अहम हिस्सा हैं। पिछले महीने अफगानिस्तान के खिलाफ उन्होंने 69 गेंदों में 79 रन की तेज़ पारी खेली थी, जबकि शीर्ष क्रम में उनका आक्रामक रवैया टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने में अहम भूमिका निभाता है।
अब पहले वनडे में मिली नाकामी के बाद रोहित शर्मा की नजर शानदार वापसी पर होगी। भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा वनडे गुरुवार, 16 जुलाई को कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में खेला जाएगा, जहां यह अनुभवी ओपनर बड़ी पारी खेलकर आलोचकों को जवाब देना चाहेगा।
