अर्जेंटीना की फ़ाइनल में एंट्री के बाद बवाल, जूड बेलिंगहम ने वैलेंटीन बारको को मारा थप्पड़
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: FIFA वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को हराकर फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। हालांकि मैच खत्म होने के तुरंत बाद अटलांटा स्टेडियम में माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब इंग्लैंड के स्टार मिडफील्डर जूड बेलिंगहम और अर्जेंटीना के सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी वैलेंटीन बारको के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
फ़ाइनल सीटी बजते ही अर्जेंटीना के खिलाड़ी जीत का जश्न मनाने के लिए मैदान पर इकट्ठा हुए। दूसरी ओर, हार से निराश बेलिंगहम विरोधी टीम के जश्न से नाराज़ दिखाई दिए। इसी दौरान दोनों खिलाड़ियों के बीच विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते मैदान पर धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बेलिंगहम कथित तौर पर वैलेंटीन बारको के सिर के पिछले हिस्से पर हाथ मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद दोनों टीमों के खिलाड़ी आमने-सामने आ गए। स्थिति बिगड़ती देख अर्जेंटीना के कई खिलाड़ी बीच-बचाव के लिए दौड़े, जबकि अनुभवी डिफेंडर निकोलस ओटामेंडी ने अपने साथी खिलाड़ी को बचाने के लिए दोनों के बीच आकर माहौल शांत करने की कोशिश की।
बारको के जश्न से नाराज़ थे बेलिंगहम
‘डेली एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, बेलिंगहम को अर्जेंटीना के बराबरी वाले गोल के बाद वैलेंटीन बारको के जश्न पर आपत्ति थी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बारको ने जश्न के दौरान इंग्लैंड की टीम का मज़ाक उड़ाया था, जिससे बेलिंगहम नाराज़ हो गए।
रेफरी इस्माइल एल्फाथ ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों को अलग किया और बारको को इंग्लैंड के खिलाड़ियों से दूर ले गए। हालांकि, मैच के बाद हुई इस झड़प के लिए बारको के खिलाफ तत्काल कोई अतिरिक्त कार्रवाई नहीं की गई। यह घटना उस मुकाबले का अंतिम विवाद नहीं थी। पूरे मैच के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तनाव देखने को मिला। जूड बेलिंगहम की अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेस्सी के साथ भी तीखी बहस हुई थी, जिससे मुकाबले का माहौल लगातार गरमाया रहा।
मैच के बाद हुई इस घटना को लेकर अब FIFA की ओर से जांच की संभावना जताई जा रही है। यदि बेलिंगहम का व्यवहार खेल भावना के विपरीत या हिंसक पाया जाता है, तो उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, बेलिंगहम पर एक मैच का प्रतिबंध और आर्थिक जुर्माना लगाया जा सकता है। ऐसी स्थिति में वह 18 जुलाई को फ्रांस के खिलाफ तीसरे स्थान के प्लेऑफ मुकाबले से बाहर हो सकते हैं। हालांकि, इस पूरे मामले पर FIFA की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
