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गौतम गंभीर का बड़ा खुलासा, ‘कोचिंग स्टाफ पर मानसिक दवाब’

Gautam Gambhir’s major revelation: ‘Mental pressure on the coaching staff’चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने अपने व्यस्त शेड्यूल और लगातार बढ़ते काम के दबाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। गंभीर ने स्वीकार किया कि तीनों फॉर्मेट में टीम इंडिया की कोचिंग करना कई बार मानसिक रूप से थका देने वाला होता है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वह इस दबाव को झेलने के लिए पूरी तरह मजबूत हैं और जब तक संभव होगा, अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे।

न्यूजीलैंड के खिलाफ पांचवें और आखिरी टी20 मुकाबले में भारत की 7 विकेट से हार के बाद गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने व्यस्त क्रिकेट कैलेंडर पर बात की। उन्होंने बताया कि साल 2026 में अब तक वह 12 सीरीज में टीम इंडिया की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। खिलाड़ियों को तो रोटेशन और आराम के जरिए ब्रेक मिल जाता है, लेकिन तीनों फॉर्मेट के हेड कोच होने के कारण उनके लिए लगातार क्रिकेट से दूर रहना आसान नहीं है।

‘मैं इंसान हूं, कई बार मानसिक रूप से थक जाता हूं‘

गौतम गंभीर से जब पूछा गया कि क्या लगातार तीनों फॉर्मेट की जिम्मेदारी संभालते हुए वह कभी मानसिक रूप से पूरी तरह थक जाते हैं, तो उन्होंने बेबाकी से इसका जवाब दिया।

गंभीर ने कहा, “हां, ईमानदारी से कहूं तो ऐसा हुआ है, लेकिन मैं इसे संभालने के लिए काफी मजबूत हूं। मैं जब तक कर सकता हूं, इस दबाव को झेल सकता हूं। मैं इसी तरह बना हूं। मैं दबाव झेल सकता हूं और हर मुश्किल का सामना कर सकता हूं। लेकिन हां, मैं भी एक इंसान हूं। ऐसे मौके आएंगे जब मैं मानसिक रूप से थका हुआ महसूस करूंगा, लेकिन अभी तक मैं इसे संभालने में सफल रहा हूं।”

उन्होंने आगे कहा कि उनके शब्दकोश और विचारधारा में डर या बहाने के लिए कोई जगह नहीं है। गंभीर के मुताबिक, एक पेशेवर के तौर पर जिम्मेदारी निभाना जरूरी है और उन्हें किसी भी परिस्थिति में बहाने बनाने में विश्वास नहीं है।

टीम इंडिया के कोचिंग का दबाव आसान नहीं

गंभीर ने माना कि भारतीय क्रिकेट टीम का कोच होना अपने आप में बड़ी चुनौती है। फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञ हर मुकाबले में टीम से जीत की उम्मीद करते हैं। ऐसे में लगातार यात्रा करना और अलग-अलग परिस्थितियों में टीम को तैयार करना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

उन्होंने कहा, “वर्कलोड के लिहाज से यह मुश्किल और चुनौतीपूर्ण हो सकता है। खासकर जब आप लगातार दौरे पर हों और जिस तरह का दबाव झेलना पड़ता है। भारत जैसी टीम को कोच करना आसान नहीं है। लोग आपको एक इंच भी नहीं देते और हर कोई उम्मीद करता है कि आप हर मैच जीतें। हालांकि, आपको वास्तविकता को भी समझना होगा। मैं इस जिम्मेदारी का आनंद ले रहा हूं।”

सीरीज जीत पर गंभीर ने की टीम इंडिया की तारीफ

न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी दो टी20 मुकाबले गंवाने के बावजूद गौतम गंभीर भारतीय टीम के प्रदर्शन से संतुष्ट नजर आए। भारत ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर सीरीज में अजेय बढ़त हासिल कर ली थी। हालांकि, न्यूजीलैंड ने आखिरी दो मैच जीतकर सीरीज का अंत जीत के साथ किया।

गंभीर ने भारतीय खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि टीम को न्यूजीलैंड पहुंचने के बाद सिर्फ एक दिन अभ्यास का मौका मिला था। इसके बावजूद खिलाड़ियों ने पहले तीन मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया।

उन्होंने कहा, “यह अविश्वसनीय प्रयास था। खिलाड़ियों को तैयारी के लिए सिर्फ एक दिन मिला था। परिस्थितियां अलग थीं, मौसम अलग था और सामने न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम थी। इसके अलावा ज्यादातर खिलाड़ी पहली बार न्यूजीलैंड का दौरा कर रहे थे।”

गंभीर ने आगे कहा कि भारत से 15 घंटे की लंबी फ्लाइट के बाद सिर्फ एक अभ्यास सत्र के दम पर खिलाड़ियों ने जिस तरह का प्रदर्शन किया, उसके लिए पूरी टीम तारीफ की हकदार है।

अभिषेक शर्मा की बल्लेबाजी सुधारने में जुटे गंभीर

गौतम गंभीर ने इस दौरान युवा ओपनर अभिषेक शर्मा के खेल में सुधार को लेकर भी बात की। उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में अभिषेक को ऑफ स्पिन गेंदबाजों के सामने परेशानी हो रही थी। खासकर माइकल ब्रेसवेल की ऑफ स्पिन के खिलाफ उन्हें संघर्ष करना पड़ा।

ऐसे में गंभीर ने नेट्स में अभिषेक के साथ काफी समय बिताया और उनकी तकनीक में सुधार करने पर काम किया।

गंभीर ने कहा, “अभिषेक को ऑफ स्पिन के खिलाफ थोड़ी परेशानी हुई है। अगर वह इस कमजोरी पर काम करके बेहतर होते हैं, तो वह एक संपूर्ण बल्लेबाज बनेंगे। आपको लगातार अपने खेल में सुधार करते रहना चाहिए, क्योंकि विपक्षी टीमें आपकी बल्लेबाजी, रन बनाने के तरीके और खेलने की गति का विश्लेषण करती रहती हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई बल्लेबाज अलग-अलग गेंदबाजों और परिस्थितियों के खिलाफ अपने खेल में सुधार करता है, तो वह विपक्षी टीम से एक कदम आगे रह सकता है।

कुल मिलाकर गौतम गंभीर ने साफ कर दिया है कि टीम इंडिया की कोचिंग का दबाव कई बार उन्हें मानसिक रूप से थका देता है, लेकिन फिलहाल वह इस चुनौती से पीछे हटने के मूड में नहीं हैं।

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