यूपी पुलिस में ऐतिहासिक बदलाव, अपराधियों में भय और जनता में विश्वास: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पिछले साढ़े आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था और पुलिसिंग के क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन हुआ है। उन्होंने यह बात राज्य पुलिस मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सम्मेलन ‘पुलिस मंथन’ के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कही।
मुख्यमंत्री ने शीर्ष पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस अब ऐसी सशक्त और प्रभावी फोर्स बन चुकी है, जो अपराधियों में भय पैदा करती है और आम नागरिकों का विश्वास जीतने में सफल रही है।
लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में आज दो दिवसीय ‘पुलिस मंथन’ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन-2025 के शुभारंभ कार्यक्रम में सहभाग किया।
इस अवसर पर बीट पुलिसिंग में सुधार एवं तकनीकी उन्नयन हेतु ‘यक्ष’ ऐप का लोकार्पण भी किया।
विगत साढ़े 08 वर्षों में @Uppolice द्वारा किए गए प्रयासों का ही… pic.twitter.com/YavhyGzcz1
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 27, 2025
उन्होंने कहा, “आज कानून-व्यवस्था को लेकर प्रदेश की छवि पूरी तरह बदल चुकी है। उत्तर प्रदेश अब सक्रिय और पूर्वानुमान आधारित पुलिसिंग (प्रोएक्टिव और प्रेडिक्टिव पुलिसिंग) के लिए देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक उदाहरण बन गया है।”
स्मार्ट पुलिसिंग पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ के अपने विजन को रेखांकित करते हुए भर्ती, प्रशिक्षण, आधारभूत संरचना, साइबर सुरक्षा, फॉरेंसिक व्यवस्था और पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली में किए गए सुधारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 60 हजार से अधिक पुलिस कॉन्स्टेबल प्रशिक्षण ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर पुलिस स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 12 फॉरेंसिक साइंस लैब और एक समर्पित फॉरेंसिक विश्वविद्यालय की स्थापना से जांच प्रक्रिया को और मज़बूती मिली है।
रिएक्टिव से प्रिवेंटिव मॉडल की ओर बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन व्यापक सुधारों के चलते यूपी पुलिस अब केवल अपराध के बाद कार्रवाई करने वाली नहीं रही, बल्कि अपराध को पहले से भांपने और रोकने वाली फोर्स बन गई है। उन्होंने कहा, “इस बदलाव से अपराधियों में डर और आम जनता में भरोसा पैदा हुआ है।”
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आधुनिक प्रशिक्षण केंद्रों और उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से पुलिसकर्मियों को नई चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है, खासतौर पर साइबर अपराध और फॉरेंसिक जांच के क्षेत्र में। उन्होंने बताया कि पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली से शहरी क्षेत्रों में कानून व्यवस्था और अधिक प्रभावी हुई है, जिससे रिस्पॉन्स टाइम घटा है और अपराध नियंत्रण बेहतर हुआ है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन सुधारों के बल पर उत्तर प्रदेश पुलिस आने वाले समय में कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ करते हुए नागरिकों की सुरक्षा और विश्वास को लगातार मजबूत करती रहेगी।
