IND vs WI: तिलक वर्मा का अजीबोगरीब रनआउट, बीच पिच पर अक्षर पटेल से मिलाया ग्लव्स

चिरौरी न्यूज
इंदौर: भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीसरे टी20 मुकाबले में तिलक वर्मा बेहद अजीब तरीके से रनआउट होकर पवेलियन लौटे। एक पल की लापरवाही ने उनकी पारी का अंत कर दिया। तिलक 16 गेंदों पर 28 रन बनाकर खेल रहे थे और उन्होंने अपनी पारी में चार चौके लगाए थे। हालांकि, मैदान पर हुई घटनाओं के ऐसे अप्रत्याशित सिलसिले ने उन्हें क्रीज से बाहर रहते हुए अपना विकेट गंवाने पर मजबूर कर दिया।
इस मुकाबले में भारत ने शुरुआत तो तूफानी की, लेकिन मध्यक्रम के लड़खड़ाने से टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने का मौका गंवा बैठी। एक समय 250 रन से ज्यादा का स्कोर बनता दिख रहा था, लेकिन भारतीय टीम 223 रन पर सिमट गई।
चौका समझकर जश्न मनाने लगे अक्षर और तिलक
तिलक वर्मा के रनआउट होने की घटना उस समय हुई, जब अक्षर पटेल ने गुडाकेश मोती की कम ऊंचाई वाली फुलटॉस गेंद को डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग की दिशा में फ्लिक किया। गेंद तेजी से बाउंड्री की ओर जा रही थी। वेस्टइंडीज के फील्डर कामिल पूरन ने दौड़ लगाई और डाइव लगाकर गेंद को बाउंड्री पार करने से रोक दिया। उन्होंने गेंद को मैदान के अंदर ही वापस धकेल दिया।
उधर, अक्षर पटेल और तिलक वर्मा को लगा कि गेंद चौके के लिए चली गई है। दोनों ने एक रन पूरा किया और पिच के बीच में पहुंचकर ग्लव्स मिलाने लगे। लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि गेंद अभी खेल में है और वेस्टइंडीज की टीम उन्हें रनआउट करने का मौका तलाश रही है।
अक्षर ने बचाया विकेट, तिलक रह गए क्रीज से बाहर
वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने तेजी से गेंद को विकेट की ओर भेजा। अक्षर पटेल खेल पर नजर रखे हुए थे, इसलिए उन्होंने समय रहते नॉन-स्ट्राइकर छोर पर अपना बल्ला क्रीज के अंदर रख दिया और रनआउट होने से बच गए।
दूसरी ओर, तिलक वर्मा खतरे को भांप नहीं सके और क्रीज से बाहर ही रह गए। गेंद गुडाकेश मोती तक पहुंची, जिन्होंने गेंदबाज के छोर पर स्टंप्स बिखेर दिए।
इसके बाद तीसरे अंपायर ने रिप्ले की जांच की। पुष्टि हुई कि कामिल पूरन ने गेंद को बाउंड्री पार करने से रोक लिया था और गेंद खेल में बनी हुई थी। ऐसे में तिलक वर्मा को रनआउट करार दिया गया।
अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की तूफानी शुरुआत
इससे पहले भारतीय टीम ने तीसरे टी20 मुकाबले में विस्फोटक शुरुआत की थी। अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला और पावरप्ले में ही भारत का स्कोर एक विकेट पर 87 रन तक पहुंचा दिया।
अभिषेक शर्मा ने महज 30 गेंदों पर 69 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने सिर्फ 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। उनकी पारी में आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार नमूना देखने को मिला।
ईशान किशन ने भी उनका भरपूर साथ दिया और 18 गेंदों पर 37 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों की आक्रामक शुरुआत के बाद भारतीय टीम का स्कोर 250 रन के पार जाता दिखाई दे रहा था।
रोस्टन चेज ने बदला मैच का रुख
भारतीय पारी का रुख उस समय बदल गया, जब रोस्टन चेज ने ईशान किशन को स्टंप आउट करा दिया। इसके बाद उन्होंने श्रेयस अय्यर को महज एक रन पर एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया।
अभिषेक शर्मा भी ज्यादा देर तक नहीं टिक सके। शमर स्प्रिंगर की गेंद पर पुल शॉट खेलने के प्रयास में वह अपना विकेट गंवा बैठे। अभिषेक के आउट होते ही भारतीय पारी दबाव में आ गई।
भारत ने महज 10 गेंदों के भीतर नौ रन जोड़कर तीन विकेट गंवा दिए। इस अचानक हुए पतन ने वेस्टइंडीज को मुकाबले में वापसी करने का मौका दे दिया।
मध्यक्रम के लड़खड़ाने से बड़ा स्कोर बनाने का मौका गंवाया
अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और श्रेयस अय्यर के विकेट गिरने के बाद भारतीय बल्लेबाजी की लय बिगड़ गई। नमन धीर ने एक छक्का लगाकर रन गति बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन वह 10 रन बनाकर आउट हो गए।
इसके बाद नितीश कुमार रेड्डी ने 14 गेंदों पर 21 रन बनाकर कुछ तेजी दिखाई, लेकिन वह भी अपनी पारी को ज्यादा आगे नहीं बढ़ा सके। फिर तिलक वर्मा का दुर्भाग्यपूर्ण रनआउट भारत के लिए एक और झटका साबित हुआ।
अक्षर पटेल ने 20 रन बनाए, लेकिन वह भी रनआउट होकर पवेलियन लौट गए। अर्शदीप सिंह ने 11 रन का योगदान दिया। निचले क्रम के बल्लेबाज भारतीय पारी को दोबारा संभालने में नाकाम रहे।
हालांकि, पारी के अंतिम ओवर में प्रिंस यादव ने तीन चौके लगाकर टीम के स्कोर में अहम इजाफा किया।
एक समय विस्फोटक बल्लेबाजी के दम पर भारत का स्कोर 250 रन के पार जाता दिख रहा था, लेकिन मध्यक्रम के लगातार विकेट गिरने से टीम की रफ्तार थम गई। शानदार शुरुआत के बावजूद भारत ने अपने आखिरी नौ विकेट गंवा दिए और टीम 223 रन पर सिमट गई।
इस तरह भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज के सामने 224 रन का लक्ष्य रखा। वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने शुरुआती आक्रामक बल्लेबाजी के बाद शानदार वापसी की और भारतीय मध्यक्रम की कमजोरियों का फायदा उठाया।
मैच का सबसे चर्चित पल तिलक वर्मा का रनआउट रहा, जब चौका समझकर अक्षर पटेल के साथ ग्लव्स मिलाना उन्हें भारी पड़ गया। क्रिकेट में एकाग्रता कितनी अहम होती है, इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया।
