RSS पर अमेरिकी संस्था USCIRF की टिप्पणी से भड़का भारत, विदेश मंत्रालय ने बताया ‘पक्षपाती संगठन’

India angered by US body USCIRF's remarks on RSS; Ministry of External Affairs calls the commission a 'biased organization'.
(Screenshot/Twitter Video)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: भारत ने अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) के वरिष्ठ अधिकारियों की उन टिप्पणियों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर प्रतिबंध लगाने और उसके नेताओं को अमेरिका में राजनयिक शिष्टाचार नहीं देने की मांग की गई थी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने USCIRF को एक पक्षपाती संगठन करार देते हुए कहा कि भारत को लेकर उसकी टिप्पणियां अपमानजनक और भड़काऊ हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे संगठनों की टिप्पणियों को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनका अपना एजेंडा होता है और उनकी विश्वसनीयता संदिग्ध है।

जायसवाल ने अपनी पाक्षिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा, “हम सभी जानते हैं कि जिस संगठन का आप जिक्र कर रहे हैं, वह भारत के बारे में अपमानजनक और भड़काऊ टिप्पणियां करता रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “यह एक पक्षपाती संगठन है। हमें ऐसे संगठनों से दूर रहना चाहिए, क्योंकि उनका अपना एजेंडा होता है और उनकी कोई विश्वसनीयता नहीं होती।”

विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया USCIRF के अधिकारियों की हालिया टिप्पणियों के बाद आई है। USCIRF कमिश्नर जीन मिल्स ने कहा था कि RSS नेताओं, जिनमें भारतीय सरकार से जुड़े लोग भी शामिल हैं, को अमेरिका में उच्चस्तरीय बैठकों और राजनयिक शिष्टाचार से दूर रखा जाना चाहिए।

मिल्स ने अमेरिकी सरकार से उन RSS सदस्यों के खिलाफ प्रतिबंध लगाने पर विचार करने की भी अपील की, जिन्हें धार्मिक आस्था की स्वतंत्रता (FoRB) के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार पाया जाए।

वहीं, USCIRF के चेयरमैन आसिफ महमूद ने RSS को एक “अंब्रेला संगठन” बताते हुए आरोप लगाया कि उससे जुड़े कुछ संगठनों ने धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमले किए हैं। USCIRF ने महमूद और मिल्स की इन टिप्पणियों को अपने आधिकारिक X अकाउंट पर भी साझा किया।

मार्च की रिपोर्ट में भी भारत पर निशाना

USCIRF की ताजा टिप्पणियां मार्च में जारी उसकी वार्षिक रिपोर्ट के कुछ महीने बाद सामने आई हैं। उस रिपोर्ट में आयोग ने भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे।

आयोग ने कथित उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार ठहराए गए कुछ व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ लक्षित प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की थी। इनमें RSS और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के नाम भी शामिल थे।

USCIRF ने अमेरिका से भारत को “विशेष चिंता वाले देश” (Country of Particular Concern-CPC) के रूप में नामित करने की सिफारिश भी की थी। आयोग का आरोप था कि भारत अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम (IRFA) के तहत परिभाषित धार्मिक स्वतंत्रता के गंभीर और लगातार उल्लंघनों में शामिल है या उन्हें बढ़ावा दे रहा है।

भारत पहले भी USCIRF की रिपोर्टों और टिप्पणियों को खारिज करता रहा है। इस बार भी विदेश मंत्रालय ने आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए उसकी टिप्पणियों को भारत के खिलाफ पूर्वाग्रह से प्रेरित बताया है।

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