राफेल के स्वदेशी निर्माण पर भारत का जोर, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के दौरे से रक्षा अधिग्रहण परिषद दे सकती है मंजूरी
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना की घटती स्क्वाड्रन संख्या और बदलते क्षेत्रीय सुरक्षा हालात के बीच भारत अपनी लड़ाकू विमान क्षमता को मज़बूत करने की दिशा में निर्णायक कदम उठाने की तैयारी में है। फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों की प्रस्तावित खरीद को लेकर रक्षा मंत्रालय के शीर्ष स्तर पर प्रक्रिया तेज हो गई है। चिरौरी न्यूज को सूत्रों ने बताया कि डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) इस महीने के आखिर में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के दौरे से पहले इस प्रस्ताव को मंज़ूरी दे सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) जल्द ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना को स्वीकृति की आवश्यकता दे सकती है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया जा रहा है जब वायुसेना के पास केवल 29 फाइटर स्क्वाड्रन बचे हैं, जबकि स्वीकृत संख्या 42 है।
इस प्रस्ताव की खास बात यह है कि यह केवल एक आयात सौदा नहीं, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ को केंद्र में रखकर तैयार की गई दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। योजना के अनुसार 114 में से लगभग 80 प्रतिशत राफेल विमान भारत में ही निर्मित किए जाएंगे, जिनमें स्वदेशी सामग्री की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत तक हो सकती है। इसके लिए फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन के भारतीय निजी कंपनियों के साथ साझेदारी करने की संभावना है।
प्रस्तावित बेड़े में 88 सिंगल-सीटर और 26 ट्विन-सीटर राफेल विमान शामिल होंगे। शुरुआती चरण में 18 विमान सीधे उड़ान योग्य स्थिति (फ्लाई-अवे) में खरीदे जा सकते हैं, ताकि वायुसेना की तात्कालिक जरूरतें पूरी की जा सकें।
राफेल विमान पहले से ही भारतीय वायुसेना के लिए फोर्स मल्टीप्लायर की भूमिका निभा रहे हैं। मेटियोर जैसी बियॉन्ड-विजुअल-रेंज मिसाइल और स्कैल्प क्रूज़ मिसाइल से लैस ये विमान भारत की लंबी दूरी की मारक क्षमता को नई धार देते हैं।
पाकिस्तान और चीन के बीच बढ़ते सैन्य समन्वय तथा पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर उभरती चुनौतियों के बीच इस परियोजना को रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।
DAC से मंजूरी मिलने के बाद यह कार्यक्रम तकनीकी और वाणिज्यिक बातचीत के चरण में प्रवेश करेगा, जिसके बाद आने वाले महीनों में इस बहु-अरब डॉलर के सौदे की अंतिम रूपरेखा तय होने की उम्मीद है।
