तीन बार ओलंपिक गोल्ड जीत चुके दिग्गज हॉकी खिलाड़ी बलबीर सिंह का निधन, प्रधानमंत्री सहित देश उन्हें कर रहा है नमन

न्यूज़ डेस्क

नई दिल्ली: तीन बार ओलंपिक गोल्ड मैडल जीतने वाले हाकी के महान खिलाड़ी और बलबीर सिंह सीनियर का 96 साल की उम्र में आज निधन हो गया है।  उनकी उम्र 96 वर्ष थी।  बाते जाता है कि उनकी तबीयत पिछले दो हफ्तों से काफी खराब थी, और उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमबार सुबह उनकी तबियत अचानक से बिगड़ गयी और उन्होंने आखिरी सांस ली।

बलबीर सिंह सीनियर के निधन से हाकी जगत में शोक का लहर दौर गया है।  भारतीय खेल जगत ने उनके निधन पर शोक जताते हुए सिंह को ऐसा दुर्लभ आदर्श बताया जिनकी उपलब्धियां कई पीढियों तक खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करती रहेंगी, उनके निधन पर हॉकी ही नहीं क्रिकेट जगह और राजनीतिज्ञों ने भी शोक जताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके परिवार ने उनके परिवार के प्रति सहानुभूति जताई, वहीँ सुपरस्टार अक्षय कुमार और विराट कोहली ने उन्हें भावभीनी श्रधांजलि दी है।  गृहमंत्री अमित शाह, पंजाब के मुख्या मंत्री अमरिंदर सिंह सहित कई नेताओं और खिलाडियों ने बलबीर सिंह सीनियर को श्रधांजलि अर्पित किया है।

अक्षय कुमार ने साल 2018 में आई हॉकी पर आधारित फिल्म ‘गोल्ड’ में काम किया था जो 1948 में भारतीय हॉकी की कहानी को लेकर बनाई गई फिल्म थी।  उस फिल्म को बनाने के दौरान अक्षय हॉकी दिग्गज बलबीर सिंह जी से मिले थे।

मोहाली के फोर्टिस अस्पताल के निदेशक अभिजीत सिंह ने कहा़,‘‘उनका सुबह 6। 30 पर निधन हुआ।  बाद में उनके नाती कबीर ने एक संदेश में कहा,‘‘नानाजी का सुबह निधन हो गया।  बलबीर सीनियर को आठ मई को वहां भर्ती कराया गया था।  वह 18 मई से अर्ध चेतन अवस्था में थे और उनके दिमाग में खून का थक्का जम गया था।  उन्हें फेफड़ों में निमोनिया और तेज बुखार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

हाकी के जानकार मानते हैं कि बलबीर सिंह सीनियर कौशल के मामले में मेजर ध्यानचंद के समकक्ष थे, और आजाद भारत के सबसे बड़े खिलाड़ियों में से थे।  वह और ध्यानचंद भले ही कभी साथ नहीं खेले लेकिन भारतीय हाकी के ऐसे अनमोल नगीने थे जिन्होंने पूरी पीढी को प्रेरित किया।

बलबीर सिंह सीनियर से सम्बंधित कुछ फैक्ट्स

  • अंतरराष्ट्रीय डेब्यू 1947 में भारत के श्रीलंका दौरे पर किया।
  • ओलंपिक में अपने पहले ही मुकाबले में बलबीर ने अर्जेंटीना के खिलाफ छह गोल दागे।
  • फाइनल में भी इंग्लैंड के खिलाफ गोलकर उन्होंने आजाद भारत को पहला ओलंपिक गोल्ड जीता।
  • भारत ने हेलसिंकी ओलंपिक में कुल 13 गोल किए थे, जिनमें से नौ अकेले बलबीर ने मारे थे।
  • फाइनल में नीदरलैंड्स के खिलाफ उनका पांच गोल, अभी तक ओलंपिक फाइनल का रिकॉर्ड है।
  • पद्मश्री से सम्मानित होने वाले पहले हॉकी खिलाड़ी ।

 

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