पुष्पा राणा की कप्तानी में भारत ने जीता महिला कबड्डी का गोल्ड, ईरान को रोमांचक मुकाबले में हराया
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। फाइनल में भारत ने ईरान को बेहद रोमांचक मुकाबले में 37-34 से हराकर महिला कबड्डी में अपना चौथा एशियन गेम्स गोल्ड मेडल जीता।
इस जीत के साथ ही कप्तान पुष्पा राणा का एशियन गेम्स में दूसरी बार हिस्सा लेना और पहली बार भारतीय महिला कबड्डी टीम की कप्तानी करना यादगार बन गया। स्वर्ण पदक जीतने के बाद पुष्पा ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि देश का नेतृत्व करना उनका लंबे समय से सपना था और टीम के साथ यह उपलब्धि हासिल करना उनके लिए बेहद खास है।
पूरे मैच में ईरान ने दी कड़ी चुनौती
फाइनल मुकाबला भारत के लिए आसान नहीं रहा। टूर्नामेंट के पिछले मुकाबलों में अपेक्षाकृत आरामदायक जीत दर्ज करने वाली भारतीय टीम को फाइनल में ईरान ने पूरे समय कड़ी टक्कर दी।
भारत ने रेडिंग में बढ़त बनाए रखी। भारतीय टीम ने कुल 26 आउट पॉइंट हासिल किए, जबकि ईरान को 21 आउट पॉइंट मिले। हालांकि, ईरान ने बोनस पॉइंट के जरिए मुकाबले को बराबरी के करीब बनाए रखा। ईरान को 8 बोनस पॉइंट मिले, जबकि भारत ने 6 बोनस पॉइंट हासिल किए।
पहले हाफ के अंत तक भारत ने 22-16 की बढ़त बना ली थी। भारतीय टीम ने पहले 15 मिनट में 16 आउट पॉइंट, तीन बोनस पॉइंट और एक ऑल-आउट हासिल किया।
दूसरे हाफ में ईरान ने अपना खेल और आक्रामक कर दिया। ईरान ने दूसरे हाफ में 18 अंक हासिल किए, जबकि भारत को 15 अंक मिले। एक समय ईरान ने ऑल-आउट पूरा करके भारत की बढ़त को घटाकर 27-26 कर दिया।
यह मुकाबले का वह दौर था, जब पहली बार भारतीय टीम पर गंभीर दबाव दिखाई दिया। लेकिन कप्तान पुष्पा राणा को अपनी टीम की जीत पर पूरा भरोसा था।
इसके बाद संजू देवी ने शानदार सुपर रेड लगाकर भारत को जरूरी बढ़त दिलाई। कप्तान पुष्पा ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और एक और ऑल-आउट हासिल करने में टीम की मदद की। इसके बाद पूजा ने भी अहम अंक जुटाए और भारत ने दोबारा मुकाबले पर नियंत्रण बना लिया।
ईरान ने अंत तक संघर्ष जारी रखा और सुपर टैकल समेत कई महत्वपूर्ण अंक हासिल किए, लेकिन भारतीय टीम ने अपनी बढ़त कायम रखी और 37-34 से मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया।
टीम एकजुटता को बताया जीत की सबसे बड़ी वजह
स्वर्ण पदक जीतने के बाद कप्तान पुष्पा राणा ने टीम की एकजुटता को जीत की सबसे बड़ी वजह बताया। उन्होंने कहा कि जब भी कोई मुकाबला मुश्किल हुआ या किसी खिलाड़ी पर दबाव आया, पूरी टीम ने उसका साथ दिया।
पुष्पा ने कोचिंग स्टाफ की भी तारीफ की। उनके मुताबिक, कोचों ने खिलाड़ियों को शांत, सकारात्मक और प्रेरणादायक माहौल में तैयार किया, जिससे टीम आत्मविश्वास के साथ मैट पर उतर सकी।
महिला कबड्डी को एशियन गेम्स में शामिल किए जाने के बाद से भारत ने अब तक पांच में से चार संस्करणों में स्वर्ण पदक जीता है। जापान में मिली यह जीत भारतीय महिला कबड्डी टीम के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है और पुष्पा राणा की कप्तानी में हासिल किया गया यह स्वर्ण उनके करियर के यादगार पलों में शामिल हो गया है।
