स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने रचा इतिहास, एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंचीं

चिरौरी न्यूज
नागोया: भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने एक बार फिर शानदार वापसी करते हुए इतिहास रच दिया है। 18 वर्षीय अनाहत ने जापान की वर्ल्ड नंबर-6 सातोमी वातानाबे को पांच गेम तक चले रोमांचक मुकाबले में 9-11, 11-13, 12-10, 11-6, 11-3 से हराकर एशियन गेम्स के महिला एकल फाइनल में जगह बना ली।
अनाहत एशियन गेम्स के महिला एकल फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। खास बात यह रही कि वह मुकाबले में 0-2 से पिछड़ रही थीं, लेकिन उन्होंने जबरदस्त मानसिक मजबूती दिखाते हुए लगातार तीन गेम जीतकर मैच अपने नाम कर लिया।
दो गेम हारने के बाद शानदार वापसी
वातानाबे ने शुरुआती दोनों गेम जीतकर मुकाबले में मजबूत पकड़ बना ली थी। तीसरे गेम में भी जापानी खिलाड़ी मैच प्वाइंट की स्थिति में पहुंच गई थीं, लेकिन अनाहत ने दोनों मैच प्वाइंट बचाते हुए 12-10 से गेम अपने नाम कर लिया।
इसके बाद चौथे गेम में अनाहत ने 11-6 से जीत दर्ज कर मुकाबला 2-2 से बराबर कर दिया। निर्णायक पांचवें गेम में भारतीय खिलाड़ी ने पूरी तरह नियंत्रण हासिल कर लिया और 11-3 से गेम जीतते हुए फाइनल का टिकट पक्का कर लिया।
मुकाबले के दौरान एक रैली के दौरान अनाहत और वातानाबे की टक्कर भी हुई। अनाहत का सिर जापानी खिलाड़ी के कंधे से टकराया, जिसके बाद कुछ देर के लिए खेल रोकना पड़ा और उन्हें चिकित्सकीय सहायता दी गई। हालांकि, खेल दोबारा शुरू होने के बाद अनाहत ने शानदार संयम दिखाया और मुकाबला अपने नाम किया।
अनाहत के लिए यह साल बेहद खास रहा है। करीब दो महीने पहले उन्होंने कनाडा में विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का खिताब जीतकर इतिहास रचा था। वह यह प्रतिष्ठित खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बनी थीं।
फाइनल में उन्होंने मिस्र की रुकय्या सलेम को 3-0 से हराया था। इससे पहले अनाहत विश्व जूनियर चैंपियनशिप में क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल चरण में बाहर हो चुकी थीं। अपने जूनियर करियर के अंतिम वर्ष में उन्होंने इस उपलब्धि के साथ उस कमी को भी पूरा किया।
एशियन गेम्स का महिला एकल स्वर्ण पदक जीतने वाली खिलाड़ी को लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए क्वालिफिकेशन स्थान मिलेगा। स्क्वैश पहली बार ओलंपिक खेलों में शामिल होने जा रहा है। फाइनल में अनाहत का सामना मलेशिया की वर्ल्ड नंबर-5 सुब्रमण्यम सिवसंगरी और हांगकांग की चान सिन युक के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल की विजेता से होगा।
भारत के अभय सिंह ने भी पुरुष एकल के फाइनल में जगह बनाकर देश के लिए स्वर्ण पदक की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। 28 वर्षीय अभय ने पाकिस्तान के मुहम्मद इरफान को हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
पुरुष एकल में किसी भारतीय खिलाड़ी ने अब तक एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक नहीं जीता है। ऐसे में अभय के पास रविवार को इतिहास रचने का मौका होगा। पुरुष एकल का स्वर्ण जीतने पर उन्हें भी लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए क्वालिफिकेशन स्थान हासिल होगा।
जोशना और वेलावन ने जीता कांस्य
इस बीच, भारत ने स्क्वैश के मिश्रित युगल में जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार के जरिए कांस्य पदक भी पक्का किया। भारतीय जोड़ी को सेमीफाइनल में हांगकांग के तांग मिंग हांग और ली का यी के खिलाफ 2-1 से हार का सामना करना पड़ा।
जोशना और वेलावन ने दूसरा गेम 11-2 से जीतकर वापसी की कोशिश की, लेकिन निर्णायक गेम में हांगकांग की जोड़ी ने 11-10 से जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बना ली।
इसके बावजूद 40 वर्षीय जोशना के लिए यह एशियन गेम्स एक और यादगार उपलब्धि लेकर आया है। वह अब इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में छह पदक जीत चुकी हैं, जिनमें दो रजत और तीन कांस्य पदक पहले से शामिल थे।
अब सभी की नजरें अनाहत सिंह पर होंगी, जो एशियन गेम्स के फाइनल में उतरकर अपने शानदार साल को एक और ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ समाप्त करने के करीब हैं।
