सिगरेट बेचते हुए इंस्पेक्टरों को दिखाया बाहर का रास्ता

न्यूज़ डेस्क

नई दिल्ली: इस समय पूरे देश में लॉकडाउन है। लॉक डाउन के चलते सभी तरह से उद्योग, व्यापार, कारोबार, दुकानों पर ताले पड़े है। धीरे-धीरे जिन राज्यों की स्थिति में सुधार हो रहा है वहां सरकार ने लॉकडाउन 3 के चलते कुछ राहत दी है, लेकिन अभी भी तंबाकू से बने उत्पादों को बेचने की अनुमति नहीं दी गई है। तंबाकू सिगरेट, गुटका, बीड़ी पर पूरी तरीके से रोक लगी हुई है। सरकार की तरफ से तंबाकू से बने उत्पाद बेचने पर सख्त कार्यवाही के आदेश जारी हैं। राज्य की पुलिस को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

तंबाकू उत्पादों पर प्रतिबंध के बावजूद कर्नाटक से 2 इंस्पेक्टरों को अवैध तरीके से सिगरेट बेचते पकड़ा गया है। तंबाकू उत्पादों पर रोक के बावजूद तंबाकू सेवन करने वाले लोग कहीं ना कहीं से तंबाकू उत्पादों को खरीदने की जुगत में लगे हैं ऐसे में पुलिस कर्मियों का इन कार्यों में शामिल होना हैरत की बात है। फिलहाल जांच के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है।संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) संदीप पाटिल ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों के अवैध रूप से सिगरेट बेचने में शामिल होने की पुष्टि होने पर दोनों को अपनी नौकरी से निलंबित कर दिया गया है।

दुनिया भर में कोरोना वायरस संकट के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने सिगरेट पीने वालों के लिए विशेष चेतावनी जारी की थी जिसमें संस्था ने कहा है कि जब तक कोरोना वायरस का प्रकोप बना हुआ है, तब तक सिगरेट पीने और तंबाकू का सेवन करने वालों को अपनी यह आदत छोड़ देनी चाहिए.

डब्लूएचओ से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि धूम्रपान करने वालों को कोरोना वायरस संक्रमण से ज्यादा खतरा है।इसी गाइडलाइंस को ध्यान में रखते हुए सभी राज्यों में नशीले उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाया गया है। उत्तर प्रदेश राज्य में तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष तौर से पुलिस को इसकी जांच के लिए आदेश दिए थे ताकि किसी भी दुकान पर किसी भी तरह का तंबाकू उत्पादन ना बेचा जाए और पकड़े जाने पर उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही के भी आदेश दिए गए हैं।सभी राज्य की पुलिस इस पर सख्ती से काम कर रही हैं चिंता में डाल देने वाली खबर बंगलुरू के कर्नाटक की है।जहां खुद दो पुलिसकर्मी अवैध तरीके से सिगरेट बेचते हुए पकड़े गए।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो तंबाकू और धूम्रपान से श्वसन प्रणाली, सांस की नली और फेफड़ों को भारी नुकसान पहुंचता है. इससे टीबी, फेफड़ों के कैंसर सहित तमाम ऐसे रोग होते हैं जिनमें फेफड़े कमजोर हो जाते हैं और सांस लेने में परेशानी होती है।

 

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