जूनियर हॉकी एशिया कप: भारत ने कोरिया को 4-1 से हराया,  रिकॉर्ड छठी बार बना चैंपियन

Junior Hockey Asia Cup: India defeated Korea 4-1, becoming champions for a record sixth time.चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2026पुरुष जूनियर एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया। रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने कोरिया को 4-1 से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ भारत ने लगातार दूसरी बार खिताब अपने नाम किया और प्रतियोगिता के इतिहास में रिकॉर्ड छठी बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

भारत इससे पहले 2004, 2008, 2015, 2023 और 2024 में जूनियर एशिया कप का खिताब जीत चुका था। छठी बार खिताब जीतने के साथ भारत इस प्रतियोगिता के इतिहास की सबसे सफल टीम के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।

शुरुआत से बनाई बढ़त

फाइनल में भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। पहले क्वार्टर में सात मिनट से कुछ अधिक समय शेष रहते भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे कोरियाई डिफेंस ने रोक दिया। हालांकि भारत ने दबाव बनाए रखा और जल्द ही एक और पेनल्टी कॉर्नर हासिल कर लिया। इस बार भारत ने मौका नहीं गंवाया। 9वें मिनट में अजीत यादव ने डिफ्लेक्शन के जरिए गोल दागकर भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी।

भारत का दबदबा यहीं नहीं रुका। पहले क्वार्टर के 13वें मिनट में कप्तान अनमोल एक्का ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील कर भारत की बढ़त 2-0 कर दी। क्वार्टर के अंतिम क्षणों में कोरिया को भी पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारतीय डिफेंस ने शानदार बचाव करते हुए उसे गोल में नहीं बदलने दिया।

दूसरे क्वार्टर में भी भारत ने मैच पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। 21वें मिनट में प्रभदीप सिंह ने शानदार फिनिश के जरिए भारत के लिए तीसरा गोल किया। इसके बाद कोरिया ने वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय डिफेंस पूरी तरह सतर्क रहा। हाफ टाइम तक भारत ने 3-0 की मजबूत बढ़त कायम रखी।

तीसरे क्वार्टर में भारत ने आक्रामक हॉकी जारी रखी। क्वार्टर में करीब सात मिनट शेष रहते भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन प्रयास क्रॉसबार से टकराकर बाहर चला गया। भारत ने लगातार दबाव बनाया,लेकिन कोरियाई डिफेंस ने इस क्वार्टर में मजबूती से मुकाबला करते हुए भारत को कोई और गोल नहीं करने दिया।

अंतिम क्वार्टर की शुरुआत भी भारत ने आक्रामक अंदाज में की। भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन कोरिया ने शुरुआती प्रयासों को रोक दिया। इसके बाद रेफरल के बाद भारत को दोबारा पेनल्टी कॉर्नर दिया गया। कोरिया का रेफरल असफल रहा और भारत को अपना मौका बरकरार मिला।

50वें मिनट में आशु मौर्य ने इस अवसर को गोल में बदलते हुए भारत की बढ़त 4-0 कर दी। कोरिया ने इसके बाद वापसी की कोशिश की और फाउल के बाद उसे पेनल्टी स्ट्रोक मिला। 54वें मिनट में कप्तान ली मिनह्योक ने इसे गोल में बदलकर स्कोर 4-1 कर दिया।

मैच के अंतिम मिनट में कोरिया को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। उसका फ्लिक पोस्ट से टकराकर बाहर चला गया। इसके बाद भारत ने बाकी समय शानदार तरीके से निकालते हुए 4-1 से जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम कर लिया।

जूनियर वर्ल्ड कप के लिए भी क्वालीफाई

इस खिताबी जीत के साथ भारत ने एफआईएच पुरुष जूनियर विश्व कप के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। मोक्वी में भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में निरंतरता, आक्रामक क्षमता और मजबूत डिफेंस का प्रदर्शन किया और आखिरकार खिताब की सफलतापूर्वक रक्षा करते हुए अभियान का शानदार अंत किया।

भारतीय टीम की इस शानदार उपलब्धि के बाद हॉकी इंडिया ने भी इनाम की घोषणा की है। टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को 3 लाख रुपये, जबकि सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को 1.5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी।

इस तरह भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने 2026 जूनियर एशिया कप में रिकॉर्ड छठी बार चैंपियन बनकर इतिहास रच दिया और एक बार फिर महाद्वीपीय स्तर पर अपनी बादशाहत साबित की।

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