‘जब तक सनातन धर्म का झंडा ऊंचा लहराता रहेगा, कोई भारत को नुकसान नहीं पहुंचा सकता’: योगी आदित्यनाथ
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने रविवार को रायबरेली में आयोजित शिव महापुराण कथा को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक सनातन धर्म का झंडा ऊंचा लहराता रहेगा, तब तक कोई भी भारत को नुकसान नहीं पहुंचा सकता। उन्होंने सनातन परंपरा को भारत की आध्यात्मिक शक्ति, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण आधार बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म को केवल पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, यह समाज के जीवन-मूल्यों, कर्तव्यबोध और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी से जुड़ी एक व्यापक परंपरा है।
उन्होंने कहा, “हमने धर्म को केवल पूजा-पाठ के तरीकों तक सीमित नहीं रखा। हमने इसे समाज की जीवन-शक्ति के रूप में अपनाया, इसे अपने कर्तव्यों से जोड़ा और इसे राष्ट्र की प्रेरक शक्ति माना।”
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं ने कठिन परिस्थितियों में भी समाज को एकजुट बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रमणों के दौरान देश के अनेक पवित्र स्थलों पर हमले हुए, लेकिन इसके बावजूद भारत की आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत कायम रही।
उन्होंने मध्यकालीन भारत का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर की राजनीतिक कमजोरियों के बावजूद व्यास पीठों और धार्मिक प्रवचनों की परंपरा ने समाज को दिशा देने तथा सांस्कृतिक मूल्यों को जीवित रखने का काम किया। उनके मुताबिक, यही परंपरा भारत के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विकास की आधारशिला बनी।
मुख्यमंत्री ने रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि तुलसीदास को मुगल सम्राट अकबर के नवरत्नों में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया।
योगी ने कहा कि जब तुलसीदास के सामने यह प्रस्ताव रखा गया, तो उन्होंने पूछा कि अकबर कौन हैं। लोगों द्वारा उन्हें भारत का सम्राट बताए जाने पर तुलसीदास ने कथित तौर पर कहा कि उनका केवल एक ही राजा है-राम। योगी आदित्यनाथ ने इस प्रसंग को तुलसीदास की आध्यात्मिक निष्ठा और अपने आराध्य के प्रति समर्पण के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि भारत की धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं में कथाओं, प्रवचनों और सांस्कृतिक स्मृतियों की निरंतरता बेहद महत्वपूर्ण है। धार्मिक आयोजनों और कथाओं के माध्यम से समाज में अपनी सांस्कृतिक जड़ों के प्रति चेतना बनी रहती है।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक पूरे भारत में पवित्र कथाएं और आध्यात्मिक संदेश गूंजते रहेंगे, तब तक सनातन धर्म का झंडा कभी नहीं झुकेगा।
उन्होंने कहा, “जब तक पूरे भारत में पवित्र कथाएं गूंजती रहेंगी, सनातन धर्म का झंडा कभी नहीं झुकेगा। और जब तक वह झंडा ऊंचा लहराता रहेगा, कोई भी भारत को जरा भी नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा।”
