दास और रंका की जमानत सुनवाई के दौरान मजिस्ट्रेट को ‘धमकाया’ गया; CJP का आरोप, जानबूझकर देरी की गई
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने एक स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट (NCR) दर्ज की है। SEM का आरोप है कि उन्हें ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के सह-संयोजकों आशुतोष रांका और सौरव दास से जुड़ी कार्यवाही के सिलसिले में जान से मारने की धमकी मिली है।
यह घटनाक्रम CJP के उन आरोपों के बीच सामने आया है, जिनमें कहा गया है कि SEM ने पार्टी के दो सह-संयोजकों की जमानत याचिका पर उनके मामले के तथ्यों (मेरिट्स) के आधार पर सुनवाई नहीं की। इसके बजाय, उन्होंने कथित तौर पर मिले एक धमकी भरे संदेश का हवाला दिया।
CJP का कहना है कि यह कथित धमकी, रांका और दास की न्यायिक हिरासत से रिहाई से जुड़ी कार्यवाही से कोई ताल्लुक नहीं रखती है।
पुलिस के अनुसार, SEM की ओर से एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद उन्हें धमकी देने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ NCR दर्ज की गई। शिकायत के बारे में अधिक जानकारी और धमकी भेजने वाले व्यक्ति की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
सौरव दास और रांका को पिछले मंगलवार को जंतर-मंतर पर कथित रूप से अनधिकृत रूप से प्रवेश करने (trespassing) के आरोप में हिरासत में लिया गया था, जबकि अब वह जगह विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल नहीं है। उन्हें देर रात गिरफ्तार किया गया और बुधवार को मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
CJP की लीगल टीम की प्रमुख रत्ना सिंह ने इस पूरी कार्यवाही पर निराशा जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुनवाई को बार-बार टाला गया और SEM ने मामले के तथ्यों पर ध्यान देने के बजाय कथित धमकी को ज्यादा अहमियत दी। उन्होंने दावा किया कि SEM दोपहर करीब 1:30 बजे ही पुलिस स्टेशन पहुंच गए थे, लेकिन शाम 5 बजे तक वे कोर्ट रूम के अंदर नहीं गए।
