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न नेहरू, न गांधी, न यादव: ओवैसी के अनुसार युवा मुसलमान यूपी चुनाव के लिए आगे आएं

Neither Nehru, nor Gandhi, nor Yadav: Owaisi urges young Muslims to step forward for the UP elections
(File Photo/Twitter)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने वंशवादी राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा है कि उनकी पार्टी किसी नेहरू, गांधी या यादव को अपना नेता नहीं बनाएगी, बल्कि इसके बजाय वह अपनी पार्टी के भीतर युवा मुस्लिम पुरुषों और महिलाओं को आगे बढ़ाएगी।

रामपुर में एक कार्यक्रम के दौरान AIMIM प्रमुख की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो रही हैं। इन चुनावों में AIMIM की नजर लगभग 200 सीटों पर है।

ओवैसी के इस दौरे ने राज्य के चुनावी समीकरणों पर AIMIM के संभावित प्रभाव की ओर ध्यान खींचा है। माना जा रहा है कि पार्टी मुख्य रूप से उन निर्वाचन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगी जहां मुस्लिम आबादी अच्छी-खासी संख्या में है।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मुस्लिम युवाओं में नेतृत्व करने की प्रतिभा और क्षमता है, लेकिन अक्सर उन्हें खुद को साबित करने के अवसर और मंच नहीं मिल पाते। उन्होंने जोर देकर कहा, “हम किसी नेहरू, गांधी या यादव को अपना नेता नहीं बनाएंगे। AIMIM युवा मुसलमानों को मौका दे रही है।” उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर युवा पुरुषों और महिलाओं को नेतृत्व के पदों तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

ओवैसी ने तर्क दिया कि मुस्लिम युवाओं में भी अन्य समुदायों के युवाओं जैसी ही क्षमताएं हैं, लेकिन राजनीति में आगे बढ़ने के लिए उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते।

उन्होंने कहा, “ये युवा बेटे-बेटियां हमारी पार्टी में शामिल होंगे।” उन्होंने आगे कहा कि इन्हें नेता बनना चाहिए, देश की जिम्मेदारी उठानी चाहिए और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए काम करना चाहिए।

रैली से पहले अपना दल (S) के विधायक शफीक अहमद अंसारी ने कहा था कि ओवैसी की पार्टी अपना विस्तार करना चाहती है और उनकी मौजूदगी से उनकी (अंसारी की) पार्टी को चुनावी नुकसान हो सकता है।

अंसारी ने दावा किया कि उन्हें हिंदुओं, मुसलमानों, सिखों और ईसाइयों सहित सभी समुदायों के लोगों का समर्थन प्राप्त है।

ओवैसी ने 2027 के चुनावों में BJP को चुनौती देने के लिए समाजवादी पार्टी (SP) सहित अन्य विपक्षी दलों के साथ हाथ मिलाने का कई बार प्रस्ताव दिया है। हालांकि, SP प्रमुख अखिलेश यादव ने संकेत दिया है कि उनकी पार्टी अपने मौजूदा गठबंधन सहयोगियों के साथ ही आगे बढ़ना चाहती है।

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