मैग्नस कार्लसन ने छठी बार जीता फिडे वर्ल्ड रैपिड शतरंज खिताब
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: नॉर्वे के दिग्गज शतरंज खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन ने एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित करते हुए फिडे वर्ल्ड रैपिड शतरंज चैंपियनशिप (ओपन वर्ग) का खिताब जीत लिया। यह कार्लसन का छठा विश्व रैपिड खिताब है। इससे पहले वह 2014, 2015, 2019, 2022 और 2023 में यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। कार्लसन ने 13 राउंड में 10.5 अंक जुटाए और 70,000 यूरो की पुरस्कार राशि अपने नाम की।
कार्लसन का सफर आसान नहीं रहा। सातवें राउंड में उन्हें व्लादिस्लाव आर्टेमिएव से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन अंतिम दिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए लगातार तीन मुकाबले जीते और आखिरी राउंड में अनिश गिरी के खिलाफ ड्रॉ खेलकर खिताब सुनिश्चित किया।
आर्टेमिएव ने 9.5 अंक के साथ रजत पदक जीता, जबकि भारत के अर्जुन एरिगैसी ने अलेक्जेंडर शिमानोव को हराकर 9.5 अंक जुटाए और टाई-ब्रेक के आधार पर कांस्य पदक अपने नाम किया। इस दौरान अर्जुन ने हंस नीमन और लेनियर डोमिंगेज़ जैसे मजबूत खिलाड़ियों को पीछे छोड़ा।
भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी काबिले-तारीफ रहा।
निहाल सरीन 8.5 अंकों के साथ 19वें स्थान पर रहे
डी. गुकेश भी 8.5 अंकों के साथ 20वें स्थान पर रहे
आर. प्रज्ञानानंदा ने 8.5 अंकों के साथ 27वां स्थान हासिल किया
इन नतीजों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय शतरंज की गहराई और भविष्य की संभावनाओं को मजबूती से दर्शाया।
महिला वर्ग में हम्पी को दिल तोड़ने वाला नतीजा
महिला वर्ग में कोनेरू हम्पी के लिए टूर्नामेंट का अंत बेहद निराशाजनक रहा। हम्पी, झू जिनर और एलेक्ज़ेंड्रा गोरयाचकिना तीनों ने 8.5 अंक हासिल किए, लेकिन टाई-ब्रेक के नियमों के कारण हम्पी को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। वह अगर खिताब जीततीं तो तीन बार वर्ल्ड रैपिड चैंपियन बनने वाली पहली महिला बन जातीं।
बेहतर टाई-ब्रेक के आधार पर गोरयाचकिना और झू जिनर खिताबी प्ले-ऑफ में पहुंचीं। प्ले-ऑफ में गोरयाचकिना ने झू जिनर को 1.5–0.5 से हराकर अपना पहला वर्ल्ड रैपिड खिताब और 40,000 यूरो की इनामी राशि जीती। झू जिनर उपविजेता रहीं।
अंतिम राउंड में हम्पी को साथी भारतीय खिलाड़ी बी. सविता श्री ने 64 चालों तक चले मुकाबले में ड्रॉ पर रोक दिया। अगर हम्पी यह मुकाबला जीत जातीं तो उनके 9 अंक होते और वह सीधे चैंपियन बन जातीं। एक संभावित जीत का मौका चूकना उनके लिए भारी पड़ गया।
सविता श्री ने 8 अंकों के साथ करियर का सर्वश्रेष्ठ चौथा स्थान हासिल किया।
आर. वैशाली 8 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहीं
दिव्या देशमुख 7.5 अंकों के साथ आठवें स्थान पर रहीं
डी. हरिका ने 7 अंकों के साथ 19वां स्थान हासिल किया
कुल मिलाकर, इस विश्व रैपिड चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा और आने वाले वर्षों के लिए उम्मीदों को और मजबूत कर गया।
