पंजाब पुलिस की बड़ी कामयाबी, गैंगस्टर अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत दालम को मोल्दोवा से भारत लाया गया

Major success for Punjab Police: Gangster Amritpal Singh, alias Amrit Dalam, brought to India from Moldova.
(Screengrab/Punjab Police Video)

चिरौरी न्यूज

चंडीगढ़: पंजाब पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चलाए गए एक बड़े ऑपरेशन में वांछित अपराधी अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत दालम को मोल्दोवा से प्रत्यर्पित कर भारत लाने में सफलता हासिल की है। पुलिस के मुताबिक, दालम जग्गू भगवानपुरिया गैंग का एक प्रमुख गुर्गा है और उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास समेत कुल 21 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

आरोपी को 11 सितंबर को मोल्दोवा से भारत लाया गया। पंजाब पुलिस ने इसे किसी यूरोपीय देश से अपना पहला सफल प्रत्यर्पण बताया है।पुलिस के अनुसार, अमृतपाल सिंह अक्टूबर 2024 में कथित तौर पर फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर भारत से फरार हो गया था। इसके बाद उसे पकड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तलाश शुरू की गई। करीब छह महीने तक चले ‘ऑपरेशन ईस्टर्न रीच’ के तहत उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। खुफिया जानकारी के आधार पर पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर अभियान चलाया।

पंजाब पुलिस की चार सदस्यीय टीम ने मोल्दोवा पहुंचकर आरोपी को अपने कब्जे में लिया और फिर उसे भारत लेकर आई।

पंजाब पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि

पंजाब पुलिस के DGP ने प्रत्यर्पण को संगठित अपराध के खिलाफ राज्य की लड़ाई में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा, “यह पंजाब पुलिस द्वारा किसी यूरोपीय देश से हासिल किया गया पहला प्रत्यर्पण है और संगठित अपराध के खिलाफ हमारी लड़ाई में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।” DGP ने बताया कि ऑपरेशन ईस्टर्न रीच की सफलता छह महीने तक चली खुफिया-आधारित अंतरराष्ट्रीय तलाश, लगातार निगरानी और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय से संभव हुई।

उन्होंने कहा कि AGTF पंजाब और OFTEC पंजाब ने केंद्रीय एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर अभियान को अंजाम दिया।

AGTF ने संभाली ऑपरेशन की कमान

एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के पुलिस अधीक्षक बिक्रमजीत सिंह बराड़ ने बताया कि यह अभियान पंजाब में गैंगस्टरों और हत्या के मामलों के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा था।

उनके मुताबिक, शुरुआत में कई एजेंसियों ने मिलकर आरोपी की तलाश की और बाद में वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में ऑपरेशन को केंद्रीय स्तर पर मैनेज किया गया। बराड़ ने बताया कि यह करीब छह महीने तक चलने वाला अभियान था, जिसे बाद में AGTF प्रमुख प्रमोद मान और OFTACK प्रमुख आशीष चौधरी समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाला। उन्होंने कहा कि अमृतपाल सिंह 2024 से पुलिस को वांछित था और आखिरकार उसकी लोकेशन मोल्दोवा में मिली, जिसके बाद उसे भारत वापस लाया गया। अमृतपाल सिंह के भारत लौटने के बाद होशियारपुर पुलिस की एक टीम भी आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पहुंची। टीम में DSP रैंक के अधिकारी भी शामिल थे।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ दर्ज 21 मामलों में गंभीर हिंसक अपराधों के अलावा UAPA, आर्म्स एक्ट और NDPS एक्ट के तहत दर्ज मामले भी शामिल हैं। उसके खिलाफ एक डबल मर्डर केस में भी कार्रवाई लंबित है।

मोल्दोवा, अजरबैजान और इंटरपोल का सहयोग

पंजाब पुलिस ने आरोपी को भारत लाने की प्रक्रिया में सहयोग के लिए मोल्दोवा और अजरबैजान के अधिकारियों, इंटरपोल तथा केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की इंटरपोल और पुलिस कोऑर्डिनेशन यूनिट (IPCU) का आभार जताया है। पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और प्रत्यर्पण प्रक्रिया में शामिल अन्य केंद्रीय एजेंसियों को भी सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।

पंजाब पुलिस ने कहा कि यह ऑपरेशन इस बात का उदाहरण है कि जब आरोपी विदेश भागकर कानूनी कार्रवाई से बचने की कोशिश करते हैं, तो राज्य पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों और विदेशी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय कितना महत्वपूर्ण हो जाता है।

पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विदेश भागने वाले वांछित अपराधियों को पकड़ने के प्रयास जारी रहेंगे और उन्हें भारत वापस लाकर लंबित कानूनी मामलों का सामना कराया जाएगा।

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