क्यों फंसी मनीषा कोइराला नेपाल भारत विवाद में

शिवानी रजवारिया

नई दिल्ली: मनीषा कोईराला नाम से आप वाकिफ हैं, नेपाल की इस खूबसूरत अभिनेत्री ने अपने अभिनय से हिंदी सिनेमा में दर्शकों का खूब प्यार लूटा है। फिलहाल मनीषा कोईराला एक ट्वीट के चलते अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि के बीच घिर गई है. दरअसल भारत और नेपाल के बीच लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी क्षेत्रों को लेकर पहले से विवाद चलता आ रहा है, जो अब फिर से गरमा गया है।

विवाद का कारण: लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी

इस विवाद की शुरुआत 1816 में ब्रिटिश के हाथों हुई थी। जब नेपाल के राजा ब्रिटिश से कई इलाके हार गए थे जिनमें लिपुलेख और कालापानी शामिल हैं। इसका प्रमाण सुगौली की संधि में मिलता है। दोनों देश आपस में बातचीत करके इस मामले को सुलझाने की बात करते रहे हैं लेकिन वर्तमान में नेपाल का एक नया रुख सामने उभर कर आ रहा है। नेपाल ने अब चांगरु में कालापानी के नजदीक आर्म्ड पुलिस फोर्स का आउटपोस्ट बनाया है। अब हाल ही  में नेपाल ने फिर अपने कदम से इस मामले को हवा दी है। भारत के पड़ोसी देश नेपाल ने एक नक्शा जारी किया है जिसके कारण यह विवाद और गहराता नजर आ रहा है। नेपाल सरकार द्वारा जारी इस नए नक्शे में इसमें से दो इलाकों को दिखाया गया है।

मनीषा कोइराला ने नेपाल सरकार के समर्थन में एक ट्वीट करते हुए उनके इस कदम की सहमति जताई है। मनीषा ने अपने ट्वीट में लिखा कि वह ‘सभी तीन महान देशों’ के बीच शांतिपूर्ण और सम्मानजनक बातचीत की उम्मीद करती हैं। मनीषा ने अपने ट्वीट में नेपाल सरकार का धन्यवाद करते हुए भारत और नेपाल का ज़िक्र भी किया। बस इसी ट्वीट के बाद उनके फैंस के कॉमेंट्स की बारिश शुरू हो गई हैं।

कुछ लोगों ने मनीषा के ट्वीट पर नाराजगी जताते हुए नेपाल को उलहाना देते हुए चीन से सतर्क रहने की हिदायत दी. जैसे चीन ने तिब्बत पर कब्जा किया वैसे ही नेपाल पर भी कर लेगा. लोगों ने अपनी नाराजगी पर संयम दिखाते हुए इतना कह कर छोड़ दिया कि नेपाल को चीन से बच के रहना चाहिए। एक ट्विटर यूजर ने लिखा है, ‘आप अपने जगह सही हो। हम ही उदार ,और महान बनने निकल जाते हैं। हम भारतीय भी अब आपकी तरह सोचेंगे।’

तो वहीं एक शख़्स ने शब्दों में थोड़ी तल्खी दिखाते हुए लिखा, ‘नेपाल हमेशा से भारत विरोधी रहा है उसकी नज़रें हमेशा भारत की भूमि पर रही हैं। लिपुलेख जैसे भारत के अभिन्न अंग पे जबरिया दावा नेपाल की तुच्‍छ मानसिकता को दर्शाता है।’

एक यूजर ने लिखा कि नेपाल को नया दोस्‍त मुबारक हो। लेकिन वियतनाम का हश्र न भूल जाना। कभी वे दोस्‍त थे लेकिन उनके साथ धोखा हुआ। नेपाल के साथ भी वैसा ही होना चाहिए। पहले माउंट एवरेस्‍ट जाएगा, उसके बाद कुछ और क्षेत्र भी। तब अहसास होगा। भारत को नेपाल को भूलकर उसे तरजीह देनी बंद कर देना चाहिए।’

मनीषा कोइराला के इस ट्वीट का लोगों ने जमकर विरोध जताया तो वही कुछ लोग उनके समर्थन में भी उतरें।एक यूजर ने लिखा है, ‘नेपाल हमारा भाई है, हमें अपने भाई की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।’ एक ने लिखा, ‘सच है नेपाल भारत के लिए सर्वश्रेष्‍ठ और भारत नेपाल के लिए। इस रिश्‍ते को ओर मजबूत होना चाहिए।’

Leave a Reply

Your email address will not be published.