खेल खिलाड़ी

‘पांच ओवर में 100 रन बनते कभी नहीं देखे’, अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी पर फिदा हुए श्रेयस अय्यर

Never seen 100 runs scored in five overs' – Shreyas Iyer left impressed by the batting of Abhishek Sharma and Vaibhav Sooryavanshiचिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: “ईमानदारी से कहूं तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पांच ओवर में 100 रन बनते मैंने कभी नहीं देखे।” भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर के इन शब्दों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि अभिषेक शर्मा और 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में कैसी तबाही मचाई। दोनों की विस्फोटक बल्लेबाजी से प्रभावित अय्यर ने उनके प्रदर्शन को ‘बिल्कुल शानदार’ और हैरान कर देने वाला बताया।

मंगलवार को खेले गए मुकाबले में अभिषेक और वैभव ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। भारत ने 199 रन के लक्ष्य को महज 13.2 ओवर में चार विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली।

मैच के बाद अय्यर ने कहा कि दोनों बल्लेबाजों ने जिस अंदाज में शॉट लगाए, वह देखने लायक था। उन्होंने बताया कि जब वह और संजू सैमसन बल्लेबाजी के लिए उतरे, तब गेंद सीम कर रही थी। ऐसे में उनके मन में यही सवाल आया कि अभिषेक और वैभव ने ऐसी परिस्थितियों में इतनी आसानी से रन कैसे बनाए।

अभिषेक का 38 गेंदों में शतक, वैभव ने भी मचाया धमाल

अभिषेक शर्मा ने महज 38 गेंदों पर 113 रन की तूफानी पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 11 छक्के और नौ चौके लगाए। वहीं, महज 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने 19 गेंदों पर 45 रन ठोककर न्यूजीलैंड के गेंदबाजों की मुश्किलें बढ़ा दीं।

भारतीय पारी की शुरुआत से ही दोनों बल्लेबाजों ने आक्रामक रुख अपनाया। जैकब डफी के पहले ओवर में ही 26 रन बटोर लिए गए। भारत ने तीन ओवर में बिना विकेट गंवाए 64 रन बना लिए, जबकि पावरप्ले के छह ओवर पूरे होने तक स्कोर 118 रन पहुंच गया।

अभिषेक ने केवल 15 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और 35 गेंदों पर अपना शतक जड़ दिया। वैभव आठवें ओवर में मैथ्यू फिशर की गेंद पर आउट हुए, लेकिन तब तक भारतीय टीम जीत की दहलीज पर पहुंच चुकी थी। अभिषेक ने इसके बाद संजू सैमसन के साथ मिलकर जीत की औपचारिकता पूरी करने में अहम भूमिका निभाई।

श्रेयस अय्यर ने कहा कि विदेशी परिस्थितियों में इस तरह का प्रदर्शन करना और भी खास है, क्योंकि खिलाड़ियों को अलग पिचों और गेंदबाजी की चुनौतियों के अनुसार खुद को ढालना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि टीम ने शुरुआती चुनौतियों के बावजूद जिस तरह परिस्थितियों के साथ तालमेल बिठाया, वह शानदार रहा। अय्यर ने उम्मीद जताई कि भारतीय खिलाड़ी बाकी दो मुकाबलों में भी इसी फॉर्म को जारी रखेंगे।

न्यूजीलैंड ने बनाए थे 198 रन

इससे पहले न्यूजीलैंड ने बल्लेबाजी करते हुए तीन विकेट पर 198 रन बनाए थे। डेरिल मिचेल ने 52 गेंदों पर नाबाद 89 रन की पारी खेली। बेवन जैकब्स ने 23 गेंदों में 39 रन और फिन एलन ने 25 गेंदों पर 40 रन बनाए। मिचेल और जैकब्स ने चौथे विकेट के लिए 75 रन की साझेदारी कर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

भारतीय गेंदबाजों में अर्शदीप सिंह, अक्षर पटेल और नीतीश कुमार रेड्डी ने एक-एक विकेट लिया। न्यूजीलैंड की ओर से काइल जैमीसन ने दो विकेट झटके, जबकि मैथ्यू फिशर और मिचेल सैंटनर को एक-एक सफलता मिली।

अय्यर ने बताया कि न्यूजीलैंड के बल्लेबाज जब तेजी से रन बना रहे थे, तब भारतीय गेंदबाजों को अधिक से अधिक यॉर्कर डालने की सलाह दी गई। उनका मानना था कि बल्लेबाजों को सीधे शॉट खेलने के लिए मजबूर करने और वाइड यॉर्कर का इस्तेमाल करने से रन गति पर नियंत्रण पाया जा सकता है। भारत का लक्ष्य न्यूजीलैंड को 200 रन से नीचे रोकना था, जिसमें टीम सफल रही।

तीसरे मुकाबले में जीत के साथ भारत ने सीरीज अपने नाम कर ली है। अब टीम की नजरें अंतिम दो मैचों में भी अपना दबदबा बनाए रखने पर होंगी, जबकि न्यूजीलैंड की कोशिश वापसी करने की रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *