गलवान घाटी सीमा पर झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद, 43 चीनी सैनिकों के भी मारे जाने की खबर

चिरौरी न्यूज़ डेस्क

नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में भारतीय सेना के एक कर्नल सहित 20 सैनिक शहीद हो गए। सरकारी सूत्रों ने कहा है कि चीनी पक्ष के भी 43 सैनिक हताहत हुए हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन बताया जा रहा है कि जहाँ पर टकराव हुई वहां की सीमा पर चीन के हेलीकाप्टर को मंडराते हुए देखा गया है।  चीन के साथ पिछले पांच दशक के बाद ये सबसे बड़ा सैन्य टकराव है। इसके बाद गलवान घाटी में स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल मंगलवार शाम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में पूर्वी लद्दाख में स्थिति की समग्र समीक्षा की गई। यह समझा जा रहा है कि भारत ने 3500 किलोमीटर की सीमा पर चीन के आक्रामक रवैये से निपटने के लिए दृढ़ रुख जारी रखने का फैसला किया है। वहीँ विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प क्षेत्र में ‘‘यथास्थिति को एकतरफा तरीके से बदलने के चीनी पक्ष के प्रयास’’ के कारण हुई।

दिन भर के इंतज़ार के बाद मंगलवार की देर शाम भारतीय सेना ने भारत चीन सैनिकों के टकराव पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि गलवान घाटी में 14-15 जून की रात को चीनी सैनिकों से हुई झड़प में तीन सैनिकों की मौत हो गई थी। बाद में उन 17 सैनिकों ने भी दम तोड़ दिया जो इस झड़प में गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस तरह, कुल 20 सैनिक कारवाई के दौरान शहीद हो गए। भारतीय सेना के आधिकारिक बयान में सैनिकों के लिए ‘किल्ड इन एक्शन’ शब्द का इस्तेमाल किया, जो कि भारतीय सेना किसी भी सैनिक के कर्तव्य निभाते हुए जान चले के दौरान इस्तेमाल करती है।

भारतीय सेना ने कहा कि हालांकि, गलवान घाटी में जिस जगह भारत और चीन के सैनिकों की भिड़ंत हुई थी वहां अब डिसइंगेजमेंट हो चुका है यानी वहां सैनिक पीछे हट गए हैं, लेकिन बयान में साफ तौर से कहा गया कि “सेना अपने देश की संप्रभुता और अखंडता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ” शुरूआत में शहीद हुए सैनिकों की पहचान 16 बिहार के कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) कर्नल बी संतोष बाबू और उनकी ही यूनिट के दो अन्य सैनिकों के तौर पर हुई।

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