महिला आरक्षण पर पीएम मोदी की विपक्ष से अपील, ‘श्रेय लेना है तो लें, लेकिन महिलाओं को अधिकार दें’
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को जल्द लागू करने की जोरदार अपील की। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से इस दिशा में मिलकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण को लागू करने में राजनीतिक दलों को आगे आना चाहिए। उन्होंने विपक्षी दलों से यहां तक कहा कि यदि वे इसका श्रेय लेना चाहते हैं तो ले सकते हैं, लेकिन देश की माताओं और बहनों को उनका अधिकार मिलना चाहिए।
‘राजनीतिक खींचतान का शिकार हुआ सपना’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज महिलाएं पंचायतों, नगरपालिकाओं और नगर निगमों में निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वे स्थानीय समस्याओं का समाधान करने के साथ प्रभावी नेतृत्व भी कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की इसी क्षमता को ध्यान में रखते हुए संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया गया था, लेकिन किसी न किसी कारण से महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने का यह सपना लंबे समय से राजनीतिक खींचतान का शिकार होता रहा है।
सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील
लाल किले से राजनीतिक दलों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी दल महिलाओं की क्षमता और सामर्थ्य का सम्मान करते हुए इस दिशा में आगे बढ़ें।
उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण को जल्द से जल्द लागू करने के लिए सभी दलों का सहयोग जरूरी है। प्रधानमंत्री ने इसे केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि महिलाओं की भागीदारी और सम्मान से जुड़ा विषय बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश की माताओं और बहनों को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि वे देश की नीतियां बनाने में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकें। उन्होंने इसे “समय की मांग” बताते हुए राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण को लागू करने में सहयोग करने की अपील की।
‘श्रेय लेना है तो लें’
प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों से कहा कि वे महिला आरक्षण लागू होने का श्रेय लेना चाहें तो ले सकते हैं, लेकिन महिलाओं को उनका अधिकार देने में देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने राजनीतिक दलों से दोबारा अपील करते हुए कहा कि वे महिला आरक्षण लागू करने के लिए साथ आएं, महिलाओं का सम्मान करें और उन्हें उनका “हक” दिलाएं। प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब महिला आरक्षण कानून के लागू होने को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद और परिसीमन से जुड़ी चर्चाएं लगातार राजनीतिक बहस का हिस्सा बनी हुई हैं।
