कृष्णा जल विवाद पर सियासी बयानबाज़ी तेज, नायडू ने दी जल्द स्थिति स्पष्ट करने की बात

Political rhetoric intensifies over the Krishna water dispute; Naidu promises to clarify the situation soonचिरौरी न्यूज

हैदराबाद/अमरावती: कृष्णा नदी के जल बंटवारे को लेकर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बीच चल रहे विवाद ने एक बार फिर राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे से जुड़े सभी पहलुओं पर जल्द ही अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से रखेंगे।

हैदराबाद दौरे पर पहुंचे नायडू ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि कृष्णा जल विवाद सहित सभी मुद्दों पर वह “बहुत जल्द” बात करेंगे। दरअसल, उनसे यह सवाल तेलंगाना विधानसभा में मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के उस बयान को लेकर किया गया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उनके दबाव के बाद आंध्र प्रदेश ने रायलीसीमा लिफ्ट सिंचाई परियोजना को रोक दिया।

नायडू हैदराबाद में दिवंगत पिन्नामनेनी साईबाबा के परिवार को सांत्वना देने पहुंचे थे। साईबाबा संयुक्त आंध्र प्रदेश में एनटीआर फैंस एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और दिव्यांग कल्याण निगम के पूर्व चेयरमैन रह चुके थे। श्रद्धांजलि देने के बाद जब मुख्यमंत्री वहां से रवाना हो रहे थे, तब मीडिया ने उनसे कृष्णा जल विवाद पर प्रतिक्रिया मांगी।

इस बीच, आंध्र प्रदेश सरकार ने रेवंत रेड्डी के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। राज्य सरकार का कहना है कि रायलीसीमा लिफ्ट प्रोजेक्ट को रोकने का निर्णय तेलंगाना के हितों या किसी राजनीतिक दबाव के कारण नहीं लिया गया। तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेतृत्व वाली सरकार ने रेवंत रेड्डी के बयान को “तथ्यों से परे और भ्रामक” करार दिया।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने विधानसभा में यह भी कहा था कि रायलीसीमा परियोजना से प्रतिदिन तीन टीएमसी पानी का उपयोग हो रहा था और उन्होंने इस मुद्दे पर सर्वदलीय तथ्य-जांच समिति भेजने की पेशकश भी की है।

कुल मिलाकर, कृष्णा नदी के पानी को लेकर दोनों तेलुगु राज्यों के बीच बयानबाज़ी तेज हो गई है और अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के उस बयान पर टिकी हैं, जिसमें वह इस पूरे विवाद पर अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया देने वाले हैं।

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